निलंबित कश्मीरी छात्रों और NGO स्टाफ में हाथापाई

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Thursday, March 20, 2014-5:29 PM

श्रीनगर: ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर में आज निलंबित छात्रों के एक समूह और गैर-सरकारी संगठन (एन.जी.ओ.), जिसने प्रधानमंत्री छात्रवृत्ति योजना के तहत उनकी विश्वविद्यालय  में दाखिले में मदद की थी, के बीच हाथापाई हो गई। शहर के अपटाऊन जवाहर नगर इलाके में एन.जी.ओ. कार्यालय में आयोजित अभिभावक बैठक के दौरान यह घटना घटी।

शहरी और ग्रामीण विकास के लिए अखिल भारतीय केन्द्र की अध्यक्षा राबिया बाजी ने कश्मीरी छात्रों, जिनको इस माह के आरंभ में भारत और पाकिस्तान क्रिकेट मैच के दौरान पाकिस्तान का जयकारे लगाने के बाद विश्वविद्यालय से निकाल दिया गया था, के अभिभावकों की बैठक का आयोजन किया था।

बैठक में कम से कम 40 अभिभावकों ने भाग लिया। इस माह के आरंभ में बंगलादेश में आयोजित एशिया कप के दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मैच में पाकिस्तान की जीत के बाद उनका जयकारा लगाने वाले मेरठ के स्वामी विवेकानंद सुभारती वि.वि. (एस.वी.एस. यू.) से कम से कम 67 कश्मीरी छात्रों को निलंबित कर दिया गया था और उनके खिलाफ राजद्रोह का मामला दर्ज किया गया था।

हालांकि, जनता द्वारा बड़े पैमाने पर विरोध करने के बाद राजद्रोह का मामला हटा लिया गया, लेकिन छात्रों पर सांप्रदायिक घृणा और हंगामा करने के लिए मामला दर्ज कर लिया गया है। राबिया ने कहा कि उन्होंने निलंबित छात्रों के अभिभावकों की बैठक का आयोजन किया, ताकि उनके करियर को बचाया जा सके। वे आगे की रणनीति पर चर्चा कर रहे थे व सब कुछ ठीक चल रहा था। अभिभावकों के अलावा बैठक में छात्र भी मौजूद थे।

उन्होंने कहा कि कुछ अभिभावकों का दृष्टिकोण यह था कि जब तक विश्वविद्यालय में उनके बच्चों को सुरक्षा की गारंटी नहीं दी जाती, वे अपने बच्चों को विश्वविद्यालय नहीं भेजेंगे, जबकि कुछ छात्रों ने माइर्गेशन प्रमाण पत्र की मांग की। बैठक दौरान अचानक लगभग 10 छात्रों के एक समूह ने उनके कार्यालय में तोड़-फोड़ करनी शुरू कर दी। उन्होंने कहा कि ये वे छात्र हैं, जो विश्वविद्यालय से माइर्गेशन चाहते हैं। वे इस मुद्दे का समाधान नहीं चाहते हैं।

वहीं जिन छात्रों ने कथित तौर पर राबिया के कार्यालय में तोड़-फोड़ की थी, ने कहा कि उनके स्टाफ द्वारा छात्रों को पीटने के बाद उनसे हाथापाई की गई थी। उनके स्टाफ ने छात्रों को पीटा और हाथापाई के दौरान उनके कार्यालय में फर्नीचर और अन्य  सामान क्षतिग्रस्त हो गया।

एजाज अहमद नामक एक छात्र ने कहा कि उनके स्टाफ के एक सदस्य ने उसे उकसाया। उसने मुझे घसीटा और पिता के बारे में पूछना शुरू कर दिया। राबिया के स्टाफ सदस्य का हवाला देते हुए छात्र ने कहा कि क्या आप डाऊन टाऊन से कोई डॉन हो? आरोपों और प्रत्यारोपों के बीच राबिया ने राजबाग पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस के एक अधिकारी ने राजबाग पुलिस स्टेशन द्वारा हाथापाई की शिकायत प्राप्त करने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि एक अधिकारी को एन.जी.ओ. कार्यालय में भेजा गया था। पुलिस मामले पर गौर कर रही है और जल्द ही विवरण को सांझा किया जाएगा।

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