दम तोड़ रहा है पशुओं का अस्पताल

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Tuesday, March 25, 2014-5:07 PM

नई दिल्ली : प्रह्लादपुर बांगर गांव में बनाए गए पशु चिकित्सालय का पशुओं को कोई लाभ नहीं मिल रहा है। दवाइयों और डॉक्टरों के अभाव में अस्पताल दम तोड़ रहा है। चिकित्सालय भवन भी जर्जर है। सुविधाओं की कमी को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों को सूचित किया गया, लेकिन स्थिति जस की तस है।

पशु चिकित्सालय का निर्माण वर्ष 1999 में किया गया। गांव में काफी लोगों के पास पशु हैं। ऐसे में उन्हें लगा कि अब उनके पशुओं का इलाज आसानी से हो सकेगा, लेकिन शुरूआती कुछ समय के बाद अस्पताल के हालात बिगडऩे लगे। प्रशासन की ओर से भी इस ओर ध्यान नहीं दिया गया। वर्तमान में यहां प्राथमिक उपचार तक का इंतजाम नहीं हैं।

पूंठकला जाना मजबूरी

स्थानीय लोगों की मानें तो पशु चिकित्सालय की स्थिति बेहद खराब होने से दिक्कतें हो रही हैं। जब कोई पशु बीमार पड़ता है तो उसे पूंठकला स्थित चिकित्सालय ले जाना पड़ता है। गांव के एकमात्र पशु चिकित्सालय से पशुओं को कोई लाभ नहीं मिल रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में रेबीज, गलाघोंटू, मुंह पका, खुरपका जैसी बीमारियों से अधिकतर पशु पीड़ित रहते हैं।

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