मुम्बई की तर्ज पर होगी पेड़ों की गिनती

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Tuesday, March 25, 2014-5:18 PM

नई दिल्ली: दिल्ली पार्क एंड गार्डन सोसाइटी (डी.पी.जी.एस.) राजधानी के अंतर्गत आने वाले पेड़ों की गिनती कराएगा। पेड़ों की गिनती का यह कार्य पश्चिमी दिल्ली से शुरू किया जाएगा। पायलट प्रोजेक्ट के तहत योजना की शुरूआत द्वारका, पश्चिम विहार व रोहिणी से करने का फैसला लिया गया है। दिल्ली में यह पहला मौका होगा जब इस तरह पेड़ों की गिनती की जाएगी। इससे पहले मुंबई में इस प्रकार की पहल की जा चुकी है।

आर.डब्ल्यू.ए. व स्कूलों की ली जाएगी मदद

सूत्रों की मानें तो पेड़ों की गिनती कराने के लिए आर.डब्ल्यू.ए. और स्कूलों का सहारा लिया जाएगा। फिलहाल, परियोजना के बेसिक स्ट्रक्चर पर काम किया जा रहा है। योजना का मकसद शहर की रिहायशी कॉलोनियों में पेड़ों की संख्या में दर्ज की जा रही कमी को दूर करना बताया जा रहा है। शुरूआती चरण के बाद आगे के चरणों में अन्य इलाकों के पेड़ों का भी रिकॉर्ड रखने की योजना है। इसके लिए डी.पी.जी.एस. के कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया है।

हरियाली क्षेत्र 19.97

डी.पी.जी.एस. सूत्रों की मानें तो संगठन ने पेड़ों को लेकर एक कार्य योजना तैयार की है। संगठन के पास उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार दिल्ली में हरियाली का क्षेत्र 19.97 प्रतिशत है। यहां करीब 414 प्रजाती के पेड़ मौजूद हैं। वैसे सरकार की इस कवायद को शहर की हरियाली बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करार दिया जा रहा है। देखना होगा कि यह पहल कितना रंग ला पाती है।

 काटे गए बहुतेरे पेड़

राजधानी दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में कई परियोजनाओं जैसे दिल्ली मैट्रो, बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम सहित कई सड़क परियोजनाओं  को  पूरा करने के लिए पेड़ों को काटा गया है। पेड़ों को काटे  जाने से हरियाली पर फर्क पडऩे के साथ प्रदूषण में लगातार इजाफा हो रहा है। वर्ष 2011-12 के बीच कुछ समाजसेवी संस्थाओं द्वारा किए गए एक सर्वे में भी यह बात स्पष्ट हुई है कि धड़ाधड़ हो रहे निर्माणों की वजह से भी पेड़ों को खतरा है।

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