मुस्लिम समुदाय क्यों देगा बसपा को वोट?

  • मुस्लिम समुदाय क्यों देगा बसपा को वोट?
You Are HereNational
Thursday, March 27, 2014-12:29 AM

वाराणसी : उत्तर प्रदेश में मुसलमानों का भविष्य धुंधला बना हुआ है और मुसलमान अपने भविष्य को सुधारने के लिए ऐसी राजनीतिक पार्टी को वोट देंगे जो न केवल उनके अधिकारों की रक्षा करे बल्कि उनके उत्थान को भी महत्व दे। मुसलमानों को कांग्रेस के अलावा बसपा का ही सहारा दिखाई देता है। वाराणसी के एक बुजुर्ग समाज सेवक सिद्दीकी हसन ने उस समय अपना सिर मायूसी से लटका दिया जब उनसे पूछा गया कि राज्य के मुसलमान इस बार किस पार्टी या पार्टियों को वोट देंगे। सिद्दीकी ने जवाब में पूछा कि क्या हमारे पास कोई और चयन है। सिद्दीकी ने कहा कि समस्या यह नहीं कि मुसलमान किसको वोट देते हैं, असली मुद्दा यह है कि हमारे युवक मुख्यधारा से जुडऩे के इच्छुक हैं। सिद्दीकी चाहते हैं कि राज्य में शांति बनी रहे, कोई दंगा-फसाद न हो। पश्चिम उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जैसा दंगा फिर कभी न हो।

वाराणसी के एक व्यापारी किस्मत अली खान ने स्थिति का आकलन यह कहते हुए किया कि भाजपा का विकास का चुनावी एजैंडा अपने आक्रामक हिदुत्व के मुखौटे के लिए है। आम आदमी पार्टी (आप) का उत्तर प्रदेश में कोई आधार नहीं। कांग्रेस की स्थिति पतली है। उसके कुछ निजी प्रत्याशी ही जीत पाएंगे। समाजवादी पार्टी मुजफ्फरनगर में मुसलमानों की रक्षा करने में नाकाम रही और मायावती की बसपा अतीत में भाजपा के साथ सांठ-गांठ करने के लिए विख्यात है। 

खान ने कहा कि उत्तर प्रदेश में मुसलमान किसी विशेष पार्टी के वोट बैंक नहीं। हम उस व्यक्ति को वोट देंगे जो भाजपा प्रत्याशियों को पराजित कर सके। उन्होंने कहा कि प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र में फैसला मतदान से केवल 3 दिन पहले लिया जाता है। अब्दुल अंसारी, जो वाराणसी के मुस्लिम बुनकरों के साथ काम करते हैं, का कहना है कि मुस्लिम समुदाय समय की कसौटी पर उतरे प्रत्याशियों को ही वोट देगा। मायावती की बसपा के प्रति मुसलमानों का विश्वास बढ़ रहा है। यह राज्य भर में स्पष्ट दिखाई दे रहा है क्योंकि उनका दलित वोट कम ही खिसक पाया।

यहाँ आप निःशुल्क रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं, भारत मॅट्रिमोनी के लिए!

Recommended For You