चुनाव प्रचार: तेवर नया, कलेवर नया, फ्लेवर नया

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Friday, March 28, 2014-1:31 AM

नई दिल्ली: शापिंग करते समय यदि कोई महिला भगवा रंग की साड़ी पहने नजर आए, तो आप चौंकिएगा नहीं! उसकी साड़ी के पल्लू पर बड़े-बड़े कमल के फूल भी बने दिखाई दें तो यह मत समझिएगा कि वह किसी क्षेत्र की भाजपा प्रत्याशी है। वह भाजपा की समर्थक मतदाता हो सकती है। इसी तरह किसी महिला के गले में पड़े मंगलसूत्र के लॉकेट में यदि कांग्रेस का पंजा चमक रहा हो या लेडीज बैग पर अरविंद केजरीवाल मुस्कुरा रहे हों, तो समझ लीजिए चुनाव प्रचार के बदलते ट्रेंड की बयार किस दिशा में बह रही है।

चुनाव प्रचार की सामग्री बेचने वाले दिल्ली के थोक बाजारों में आजकल इसी तरह के आइटम बिकते नजर आ रहे हैं। यही नहीं, सदर बाजार या चांदनी चौक के कुछ दुकानदार तो राजनीतिक दलों के ऑर्डर पर विशेष माल तैयार करवा रहे हैं। इनमें प्रमुख रूप से हेयर-बैंड, बिंदी, अंगूठी, दीवार और टेबल घड़ी, पेपरवेट, पैन, साफा, साड़ी, लहंगा, चुन्नी, टोपी आदि शामिल हैं।

सदर बाजार में काफी समय से इसी तरह की प्रचार सामग्री बेचते आ रहे व्यापारी महेंद्र अरोड़ा इनदिनों काफी व्यस्त हैं। इनके पास कई दलों के ऑर्डर पैंडिंग हैं। काफी उत्साहित होकर बताते हैं कि इस बार के चुनावों में रोचकता बहुत है। चुनावी माहौल के न केवल तेवर बदले हुए हैं, बल्कि ट्रेंड बदल जाने के कारण प्रचार सामग्री का कलेवर और फ्लेवर सबकुछ आधुनिक रंग में ढल रहा है।

उनका कहना कहना है, ‘‘अब टोपी, टी-शर्ट, बनियान या झंडियों का इस्तेमाल किया तो जाता है, लेकिन वह ट्रेंड पुराना हो गया है। इसके ऑर्डर कम मिल रहे हैं। जबकि लेडीज बैग या पर्स, अंगूठी, रिस्टवॉच, छोटे स्टिकर, बिंदी, मंगलसूत्र, मालाएं, धूप के चश्मे इत्यादि की डिमांड अधिक है। ऐसी सामग्रियों पर राजनीतिक पार्टियां अपने चुनाव चिह्न के स्टिकर लगवाकर मतदाताओं-कार्यकत्र्ताओं में वितरित कर रही हैं। इसके अलावा मोदी मास्क भी बाजार में है। प्रचार में लगे भाजपा कार्यकत्र्ताओं के लिए यह बहुत मुफीद साबित हो रहा है। सबकुछ तो मोदीमय है, इसलिए वे मोदी मास्क लगाकर क्षेत्रों में घूम रहे हैं। बच्चों के बीच भी यह लोकप्रिय हो रहा है। पिछले दिनों मोदी चाय के जवाब में ‘राहुल मिल्क’ भी लोगों को खूब पीने को मिला था। राहुल की तस्वीर वाले प्लास्टिक के कप तो आज भी बाजार में बिक रहे हैं। कुछ चाय वालों के यहां आजकल इनकी खपत हो रही है। 
     
इन रोचक चुनावों की प्रचार सामग्री यहीं तक सीमित नहीं है। चांदनी चौक के कुछ थोक साड़ी विक्रेता इनदिनों ‘अनूठी डिमांड’ को लेकर व्यस्त हैं। लक्ष्मी नगर में ‘साड़ी महल’ के मालिक एन.सी. गर्ग बताते हैं कि उनके पास समाजवादी पार्टी की ओर से एक लाख साडिय़ों का ऑर्डर आया था, जिन पर चुनाव चिह्न साइकिल प्रिंट करना था। पार्टी उन्हें 275 रुपए प्रति साड़ी कीमत दे रही थी, लेकिन समय के अभाव में वह इस आदेश को नहीं ले पाए।

श्री गर्ग का कहना है कि चुनावों के दौरान इस तरह की डिमांड एडवांस पैसे लेकर पूरी की जाती है। पहले ऐसा नहीं होता था। लेकिन चुनाव बाद व्यापारी को अपने पैसे निकालना मुश्किल हो जाता है। यदि कोई नेता चुनाव हार जाता है, तो वह व्यापारी के सामने अपनी हार का दुखड़ा लेकर बैठ जाता है। यदि जीत जाता है, तो उससे मिलना ही संभव नहीं हो पाता। लिहाजा, व्यापारी थक-हार कर घर बैठ जाता है।

सदर बाजार या चांदनी चौक के बाजारों में इन दिनों देर रात तक चहल-पहल देखी जा सकती है। लगभग सभी थोक कपड़ा व्यापारी, व्हीकल एसेसरीज, लैदर आइटम व्यापारी, इलैक्ट्रॉनिक सामान के व्यापारी, प्रिंटर्स, कॉस्मेटिक एवं आर्टिफिशियल ज्वैलरी का सामान बेचने वाले दुकानदार अपने कर्मचारियों के साथ ‘ओवर टाइम’ कर रहे हैं। कारण, इन्हें राजनीतिक पार्टियों की ओर से अनूठे ऑर्डर जो मिले हुए हैं! इस बाजार में कुछ व्यापारी तो ऐसे हैं, जिनके पास केवल एक ही आइटम है। वो है -झाड़ू। इनका कहना है कि जब से आम आदमी पार्टी का उदय हुआ है, समझो हमारे भाग्य का उदय हो गया। पिछले चार महीनों से रोजाना ही झाड़ू थोक में बिक रही हैं। हम तो चाहते हैं कि आप की रोजाना ही रैली-प्रदर्शन हो और हमारे व्यापार में इजाफा होता रहे।

यहां कोई साडिय़ों पर कमल या साइकिल प्रिंट करा रहा है, तो कोई मफलर या साफे पर केजरीवाल व झाड़ू छपवाने में बिजी है। माथे पर लगाने वाली बिंदियों का ऑर्डर तो थोक में है। इसके साथ ही कुछ इलाकों में ‘कुटीर उद्योग’ की तर्ज पर हेयरबैंड-क्लिप में विभिन्न पार्टियों के छोटे-छोटे स्टिकर लगाए जा रहे हैं, जिन्हें घरेलू महिलाएं अंजाम देकर आमदनी भी प्राप्त कर रही हैं। 

कुछ पार्टियां इस तरह की सामग्री अपने कार्यकत्र्ताओं के माध्यम से मतदाताओं में बंटवा रही हैं, तो कुछ लोग खुद ही बाजार से ऐसी सामग्री खरीद रहे हैं। ऐसे लोगों में युवाओं की तादाद ज्यादा है या फिर उन लोगों में अधिक उत्साह है, जो पहली बार ‘वोटर’ की श्रेणी में आएं हैं। मयूर विहार फेज-3 के हिमांशु, अजय और भरत इस बार पहली बार मतदान में हिस्सा लेंगे। तीनों ही अलग-अलग पार्टियों के समर्थक हैं। एक ने अपनी बाइक की चाबी के छल्ले में ‘कमल’ को चुना है, तो दूसरे की जेब में लगे पैन पर ‘हाथ’ नजर आता है। अजय ने अपने पापा की कार में लगे पुराने डैंगलर को बदलकर केजरीवाल की फोटो वाला डैंगलर लगा लिया है। ग्रेटर नोएडा के वैभव भाटी ने भी कार फ्रैशनर चेंज करके ‘राहुल गांधी कार फ्रैशनर’ रख लिया है। वह कहते हैं, ‘‘राहुल युवा हैं और उनके नाम वाला यह फ्रैशनर भ्रष्टाचार की स्मैल को दूर करने में सक्षम नजर आता है।’’

लंबे बाल वाली लड़कियों में चुनाव चिह्न वाले हेयरबैंड काफी पॉपुलर हो रहे हैं। जो जिस पार्टी की समर्थक है, उसी के चुनाव चिह्न वाला हेयरबैंड उसके सिर पर नजर आता है। दरियागंज में काम करने वाली कंचन यादव का कहना है, ‘‘इससे बालों के लुक में चार चांद लग जाते हैं, हर किसी का ध्यान आकर्षित करने के लिए यह काफी है और सोबर भी है। आप अपनी प्रतिबद्धता भी बिना मुंह खोले लोगों के बीच व्यक्त कर सकते हैं।’’

खाद्य सामग्रियों में भी इस ट्रेंड ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। मोदी टी-बैग बाजार में खूब चर्चित हो रहा है। कुछ युवा मजाक के रूप में यहां तक कहने से नहीं चूकते कि पहले से मार्कीट में बिक रही ‘बाघ-बकरी’ चाय के पैकेट पर कंपनी को नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी की तस्वीर छाप देनी चाहिए। 

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