सभी दलों को रास आ रहे हैं बाहुबली

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Friday, March 28, 2014-7:16 AM

लखनऊ (नासिर): बात ज्यादा पुरानी नहीं है, जब सुप्रीम कोर्ट ने देश की राजनीति को अपराध मुक्त बनाने के लिए एक अहम फैसला दिया था। तब एक बार तो ऐसा लगा मानों अब बहुत हुआ, भविष्य में राजनीति से अपराध की छाया मिट नहीं तो सिमट जरूर जाएगी। तमाम दलों के बड़े नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का तहेदिल से स्वागत किया। 2 सांसदों लालू यादव और रशीद मसूद की सदस्यता भी चली गई लेकिन हत्या, लूट, बलवा जैसे तमाम गंभीर आपराधिक मामलों से घिरे कई बाहुबली एक बार फिर लोकसभा चुनाव के समर में दस्तक देने की तैयारी में हैं। सिद्धांतों की बात करने वाले कई दल इन्हें अपने पाले में खींचने को बेताब हैं। 

वाराणसी में बाहुबली मुख्तार अंसारी कौमी एकता दल के टिकट पर चुनाव लड़ रहे है तो नेपाल की सीमा से सटे तराई की श्रावस्ती लोकसभा सीट से 2 बाहुबली एक-दूसरे के खिलाफ  ताल ठोंकने को तैयार हैं। इलाहाबाद की फूलपुर सीट से संसद का सफर कर चुके बाहुबली अतीक अहमद को सपा ने अंतत: श्रावस्ती से मैदान में उतार ही दिया। उधर, बलरामपुर से सांसद रहे रिजवान जहीर को गोंडा से बसपा का टिकट नहीं मिला तो रिजवान पाला बदल कर पीस पार्टी में चले गए और श्रावस्ती से अतीक के खिलाफ  ताल ठोंकने लगे। राम मंदिर आंदोलन से सुर्खियां बटोरने वाले बाहुबली बृजभूषण शरण सिंह आजकल अपने पुराने घर भाजपा में ताल ठोंक रहे हैं। बृजभूषण शरण सिंह माफि या होना अपनी शान समझते हैं और यहां तक कह चुके हैं कि मैं माफिया हूं... गांधी कैसे हो सकता हूं... मेरे खिलाफ 40 केस दर्ज हैं।

बलरामपुर संसदीय क्षेत्र से वह मैदान में हैं। दबंग सपा नेता मित्रसेन यादव फैजाबाद लोकसभा सीट से अपनी ताकत का इजहार कर रहे हैं। वह सपा की साइकिल के सहारे संसद पहुंचना चाहते हैं। कांटे से कांटा निकालने की तर्ज पर बसपा ने मित्रसेन के विरुद्ध कांग्रेस की तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी का घर जलाने के आरोपी पूर्व एम.एल.सी. जितेंद्र सिंह उर्फ  बबलू को उतारा है। बबलू पर आरोप है कि उसने बसपा राज में अपने साथियों के साथ रीता बहुगुणा जोशी के लखनऊ आवास पर आगजनी और लूटपाट की थी। ऐसा लगता है कि पूर्वांचल की सियासत माफियाओं को खूब रास आती है।

पूर्व भाजपा विधायक कृष्णानंद राय हत्याकांड सहित तमाम मामलों के आरोपी विधायक मुख्तार अंसारी मऊ से तो उनके भाई अफजाल अंसारी बलिया से ताल ठोंक रहे हैं। मुख्तार ने भाजपा के पी.एम. पद के उम्मीदवार नरेंन्द्र मोदी के वाराणसी से चुनाव लडऩे की दशा में खुद वाराणसी से ताल ठोंकने का ऐलान कर रखा है। जेल से चुनाव मैदान में उतरने जा रहे मुख्तार ने फिलहाल वाराणसी से अपनी बीवी अफशा अंसारी का नाम घोषित कर रखा है।

बाहुबली मदन भैया,डी.पी. यादव, उनकी पत्नी, बसपा से निकाले गए धनंजय सिंह, लखनऊ का अरुण शुक्ला उर्फ  अन्ना सभी की चाहत सफेदपोश होने की है। मुख्तार से लेकर डी.पी. यादव तक कौमी एकता दल वाले गठबंधन के जरिए संसद में अपनी आवाज बुलंद करना चाहते हैं।

लम्बे समय से जेल में बंद मुख्तार कई दलों का दामन थाम चुके हैं। पिछला चुनाव वह वाराणसी से बसपा के टिकट से लड़े थे लेकिन जीत नहीं पाए। बाद में मुख्तार को बसपा से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया और कहीं जुगाड़ नहीं हो पाने के कारण मुख्तार ने अपनी राजनीतिक पार्टी ही खड़ी कर ली। वह कौमी एकता दल के संस्थापक बन कर स्वयं तो चुनाव लड़ते ही हैं अन्य नेताओं को भी टिकट बांटते हैं। पूर्वांचल का बाहुबली मुन्ना बजरंगी जौनपुर से तो बृजेश सिंह चंदौली से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में भाग्य आजमाने की तैयारी कर रहे हैं। वहीं बृजेश की पत्नी और बसपा एम.एल.सी. अन्नपूर्णा सिंह और भतीजा सुशील सिंह भी संसद की सीढिय़ां चढऩे को बेताब हैं।

अन्नपूर्णा बी.एस.पी. तो सुशील भाजपा से टिकट की जुगत भिड़ा रहे थे लेकिन सफ ल नहीं हो पाए हैं। बसपा ने सुल्तानपुर से दबंग पवन पांडेय को मैदान में उतारा कर भाजपा के वरुण गांधी को चुनौती का रास्ता प्रशस्त किया है। आजमगढ़ से सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव के मैदान में कूदने के बाद हालात काफी बदल गए हैं। यहां के मौजूदा बाहुबली सांसद रमाकांत को मुलायम के कारण दिन में तारे दिखने लगे हैं। दबंग छवि के रमाकांत यादव भाजपा के सांसद हैं।

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