गांधी के पोते में गांधी की झलक

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Tuesday, April 01, 2014-10:50 AM
नई दिल्ली(सज्जन चौधरी): खादी का कुर्ता, सिर पर आम आदमी टोपी, चेहरे पर हल्की सी मुस्कान लिए राजमोहन गांधी का चुनाव प्रचार शुरू होता है। राजमोहन के चुनाव प्रचार स्टाइल में महात्मा गांधी की झलक लोगों को दिखाई देती है। प्यार से लोगों की समस्याओं को सुनना, छोटे बच्चों को देखते ही गोद में उठा लेना राजमोहन गांधी के प्रचार में आम नजारा है। महात्मा गांधी के नाम का राजमोहन गांधी भले ही इस्तेमाल न करें, लेकिन लोगों में काफी उत्सुकता है। 
 
त्रिलोकपुरी की गलियों में अचानक से शोर-शराबा होने लगा कि आम आदमी वाले वोट मांगने आए हैं। इसी बीच लोगों में गांधी जी के पोते को देखने की होड़ मच गई। लोगों में इस बात को लेकर भी खासी नाराजगी है कि आप ने महज 49 दिनों में सरकार क्यों गिरा दी। इतने लंबे संघर्ष के बाद  आम आदमी की सरकार बनी और महज कुछ दिन चलने के बाद सरकार गिरा दी गई। लोगों के तीखे सवालों का सामना करने में राजमोहन भले ही थोड़े असहज दिखें लेकिन कांग्रेस सरकार की खामियां गिनाते समय उनके चेहरे पर अलग ही जोश नजर आता है। 
 
रास्ते में एक बुजुर्ग ने सवाल पूछा कि अरविंद तो 2 महीने भी नहीं टिके, तुम कितने दिन टिकोगे? जवाब में राजमोहन ने बड़ी सरलता से उन्हें भी आजमाने की अपील की और आगे बढ़ लिए। त्रिलोकपुर के बाद राजमोहन गांधी का अगला स्टॉप था लक्ष्मी नगर का मंगल बाजार। कभी कांग्रेस का गढ़ रही यह सीट विधानसभा चुनावों में आप ने जीती थी।
 
आप सांसद प्रत्याशी को अपने बीच पाकर व्यापारी वर्ग शिकायतों का पिटारा लेकर उन पर चढ़ गया। किसी को केजरीवाल सरकार से शिकायत थी तो किसी को उनके बाहरी होने से समस्या। एफ.डी.आई. का विरोध करने को केजरीवाल सरकार की बड़ी उपलब्धि बताते हुए व्यापारियों को शांत करने की कोशिश करते दिखे। केजरीवाल द्वारा मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना आप के लिए बड़ी चुनौती है। कई सवालों के जवाब में राजमोहन गांधी सकपका गए, तो कुछ का बड़ी बेबाकी से जवाब दिया। 
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