पत्नी को आत्महत्या के लिए मजबूर करने पर पति को तीन साल की कैद

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Tuesday, April 01, 2014-7:30 PM

नई दिल्ली: दिल्ली की एक अदालत ने पत्नी का उत्पीडऩ करने और उसे आत्महत्या के लिए मजबूर करने के जुर्म में पति को तीन साल की कैद की सजा सुनायी है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विरेंदर कुमार गोयल ने आरती के पति रंजीत पर 1000 रूपए जुर्माना भी लगाया। रंजीत को दोषी ठहराते हुए अदालत ने कहा कि आरती के साथ उसके पति ने क्रूर बर्ताव किया तथा उसकी मौत के पहले उसने उसका उत्पीडऩ किया।

रंजीत उत्तर प्रदेश का रहने वाला है। रंजीत पर उसकी मां एवं बहन जागृति के साथ पहले दहेज मौत, हत्या और क्रूर व्यवहार का मामला दर्ज किया गया था, लेकिन बाद में उसे अदालत ने आत्महत्या के लिए मजबूर करने के रूप तब्दील कर दिया।

अदालत ने रंजीत को आरती के उत्पीडऩ का दोषी ठहराया लेकिन उसकी मां और बहन को बरी कर दिया। अदालत के अनुसार आरती की अस्वाभाविक मृत्यु हुई थी लेकिन मौत से पहले उससे दहेज की मांग नहीं की गयी थी।

अदालत ने दिल्ली विधिक सेवा प्राधिकरण को आरती के माता-पिता को मुआवजा देने का निर्देश दिया क्योंकि रंजीत आर्थिक रूप से कमजोर है और वह कोई मुआवजा नहीं दे सकता। पुलिस के अनुसार मार्च, 2011 को आरती अपने घर में फांसी के फंदे से झूलती मिली थी। उसके बाद उसके पति और ससुराल वालों पर दहेज के लिए उत्पीडऩ एवं हत्या करने का मामला दर्ज कराया गया था।

आरती के माता-पिता के अनुसार उसकी जून, 2010 में आरती से शादी हुई थी और कुछ ही दिन बाद आरोपी मोटरसाइकिल एवं सोने की चेन की मांग को लेकर उनकी बेटी को परेशान करने लगे। आरती की मां के मुताबिक पांच जनवरी, 2011 को उनकी बेटी ने फोन कर बताया था कि उसे पति ने बुरी तरह पीटा है। बाद में 20 मार्च को वह अपने घर में फांसी के फंदे से लटकती मिली थी।

 
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