मेरी दुकान गिराई, मैं वोट काटूंगा

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Wednesday, April 02, 2014-11:47 AM

नई दिल्ली (सज्जन चौधरी) आम आदमी जब लाचार हो जाता है तब वह हथियार उठाता है। पेशे से साइकिल मैकेनिक धर्मराज की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। धर्मराज, उत्तर-पश्चिम लोकसभा से चुनाव लड़ रहे हैं।


इलाके की बदहाली को लेकर नेताओं से शिकायत की तो, नेताओं ने उसकी फरियाद सुनने की बजाय उसकी दुकान ही गिरवा रखवा दी। जीवन भर की कमाई खोने के बाद धर्मराज ने स्वयं चुनाव लड़ कर नेताओं को सबक सिखाने की सोची और 2007 विधानसभा चुनावों में 700 वोट लेकर सभी को हैरान कर दिया। धर्मराज इस बार भारतीय प्रगतिशील कांग्रेस पार्टी के चुनाव चिन्ह पर चुनाव मैदान में हैं।


पेशे से मैकेनिक धर्मराज ने इलाके में फैली गंदगी और गलियों की टूटी हालत को लेकर स्थानीय विधायक को कई बार शिकायत की। धर्मराज का आरोप है कि स्थानीय विधायक ने शिकायतों पर कार्रवाई करने के बजाय उल्टे उसकी दुकान पर ही कार्रवाई करवा दी। दुकान टूटने के बाद कई महीनों तक बेरोजगार रहने के बाद कई दिनों बाद फोटो कॉपी की दुकान खोली, जिसके सहारे अब उनकी रोजी-रोटी चल रही है। इलाके के लोगों में धर्मराज की अच्छे पहचान हैं।

लोगों का कहना है कि वे लगातार इलाके के लोगों की आवाज उठाते रहे हैं। इलाके में सड़कें बनवाने से लेकर कई अन्य काम करवाने के लिए सरकारी विभागों और नेताओं के चक्कर काटते रहे हैं। धर्मराज को उम्मीद है कि इस बार उन्हें पिछली बार के मुकाबले ज्यादा वोट मिलेंगे।

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