इन दिनों पेटभर नहीं खाते नेताजी

  • इन दिनों पेटभर नहीं खाते नेताजी
You Are HereNcr
Wednesday, April 02, 2014-1:58 PM

नींद से बचने के लिए दही-पापड़ी खाते हैं जे.पी.
नई दिल्ली : चुनावी भागदौड़ के मौसम में कांग्रेस पार्टी से उम्मीदवारों जे.पी. अग्रवाल के पास इन दिनों खाने-पीने तक का समय नहीं हैं। चुनाव प्रचार के  दौरान जहां कहीं भी वक्त मिलता है  थोड़ा बहुत खा-पी लिया। दोपहर का खाना तो ज्यादातर गाड़ी में ही होता है। दोपहर के खाने-पीने की व्यवस्था जयप्रकाश अग्रवाल के छोटे भाई आत्म प्रकाश अग्रवाल करते हैं।

आत्म प्रकाश का कहना है कि जे.पी. सुबह घर से निकलने से पहले नाश्ता में दलिया और दूध लेते हैं, ताकि दोपहर तक शरीर में एनर्जी बनी रही। दोपहर तक भागदौड़ के बाद कहीं नींद न आ जाए इस लिए वह दोपहर लंच में बेहद हल्का खाना लेते हैं। ज्यादातर वह दही पापड़ी व रायता लेते हैं। रात के खाने का तो कोई समय ही नहीं है। रात 11-12 बजे तक खाना खा पाते हैं। अग्रवाल का कहना है कि उन्हें अपनी दोनों पोतियों से बेहद लगाव हैं। अक्सर वह उन्हीं के साथ खाना खाना पसंद करते हैं लेकिन चुनावी समर में वह अपनी पोतियों तक को समय नहीं दे पा रहे हैं।

सामान्य भोजन पसंद करते हैं आनंद
नई दिल्ली (निहाल सिंह): दिनभर भागदौड़, पदयात्रा करने से किसी भी प्रकार की परेशानी न हो इसके लिए प्रत्याशी सेहत का पूरा ख्याल रख रहे हैं। तले हुए खाने से बचना और ज्यादा से ज्यादा पानी पीना हर प्रत्याशी ने यह साधारण नुक्सा अपना रखे हैं। उत्तर-पूर्वी दिल्ली से आम आदमी पार्टी के प्रोफेसर आनंद कुमार अपनी सेहत को ठीक रखने के लिए साधारण भोजन करना ही पंसद कर रहे हैं।

प्रोफेसर आनंद कुमार  सेहत को दुरुस्त रखने के लिए सुबह नाश्ते में फल और जूस का ही सेवन कर रहे हैं लेकिन प्रचार में लंच कहां करना है इसका अंदाजा न होने के कारण किसी भी कार्यकत्र्ता के घर से जो भी भोजन मिल जाता है, उसी को खा लेते हंै लेकिन वह ज्यादातर घर के बने हुए खाने को ही पंसद करते हैं। बनारस का होने के कारण आनंद कुमार को मिठाई पसंद हैं, तो इसलिए प्रचार करते हुए मिठाई खाने का अगर प्रस्ताव मिलता हैं तो वह कभी भी मना नहीं करते और झट से मिठाई मिलने पर मुंह मिठा कर लेते हैं।

आनंद कुमार बेटे अमिताभ ने बताया कि पिताजी पहले से ही कई- कई दिनों तक भ्रमण  करने के आदि हैं, तो इसलिए उन्हें प्रचार करने में कोई दिक्कत नहीं हो रही हैं। वह पहले की तरह साधारण भोजन को तवज्जों दे रहे हैं।


प्रत्याशी खाएं चाहे कुछ भी पर पीते हैं मिनरल वाटर
नई दिल्ली,:  लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी अपने प्रचार में दिनरात एक कर रहे हैं। हर किसी का खाने पीने का शैड्यूल बदल गया है। प्रत्याशी खुद को चुस्त दुरुस्त और तंदुरुस्त रखने के लिए हल्का खाना खा रहे हैं। ऐसे में कोई दाल चावल खाना पसंद कर रहे हैं, तो किसी को खिचड़ी भा रही हैं। मगर पीने के लिए सभी को मिनरल वाटर ही रास आ रही हैं। इसे आप भले प्रत्याशियों का शौक कहें, पर उससे ज्यादातर यह  उनकी मजबूरी है।

लोकसभा चुनाव में प्रत्याशियों की दिनचर्या पूरी तरह से बदल चुकी है। खाने पीने का तरीका भी बदल चुका है। सब प्रत्याशी हल्का-फुल्का खाना खाकर अपना दिन गुजार रहे हंै। कोई पेट दुरुस्त रखने के लिए खिचड़ी खा रहे हैं, तो कोई खुद को चुस्त दुरुस्त रखने के लिए दाल-चावल का सहारा ले रहा है। वहीं कोई नींद से बचने के लिए भल्ला पापड़ी खा रहा है। जूस और ग्लूकोज का भी प्रत्याशी सहारा ले रहे हैं।

प्रत्याशी खाने में चाहे कुछ भी खा रहे हो, मगर पी सब रहे हैं मिनरल वॉटर ही। इसके पीछे जहां कारण यह है कि प्रत्याशियों को पूरे दिन अलग-अलग इलाकों में घुमना पड़ता हैं, स्थान बदलने पर ही पानी का टेस्ट भी बदल जाता है। इसके साथ ही पानी की गुणवत्ता पर भी असर पड़ता है।

ऐसे में बदल-बदल कर पानी पीने से पेट पर इसका असर पड़ता है। पानी के बदलने से पेट संबंधी बीमारी होने का भी खतरा बना रहता है। इसको देखते हुए प्रत्याशी अपनी सेहत के लिए डाइट में फेरबदल के साथ ही मिनरल वाटर के सहारे हैं। आर.एम.एल. अस्पताल के डा. मनप्रीत सिंह का कहना हैं कि बिना उबला और बिना प्यूरिफाई हुआ पानी पीने से पेट संबंधित टाई फाइड, पीलिया, हैजा आदि बीमारी हो सकती है, इसलिए यदि लगातार स्थान बदलता रहे, तो व्यक्ति को मिनरल वाटर ही पीना चाहिए।

 

यहाँ आप निःशुल्क रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं, भारत मॅट्रिमोनी के लिए!

Recommended For You