प्रचार की नई अदा में कंघी, टोपी, हेयर बैंड

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Wednesday, April 02, 2014-2:32 PM

नई दिल्ली  (कार्तिकेय हरबोला) : इस बार लोकसभा चुनाव अपनी प्रचार के नई अदा के लिए भी जाना जाएगा। दिल्ली जैसे कामकाज से व्यस्त भरे माहौल में लोगों को सभा में जुटाना मुश्किल है,लिहाजा कैंडीडेट प्रचार की व्यावहारिक तरकीबें आजमा रहे हैं।  

बड़ी-बड़ी रैलियां, जनसभाओं के बाद अब उम्मीदवार डोर टू डोर प्रचार पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। इसमें पद यात्रा व सुबह के वक्त पार्क की सैर शामिल है। इसके अलावा प्रचार के कई अन्य सरल व सस्ते माध्यमों का उपयोग भी जोरों पर है।

उम्मीदवारों ने अपने टाइम-टेबल में भी कुछ बदलाव किए हैं, ताकि पूरी ताकत झोंकते हुए ज्यादा से ज्यादा वक्त प्रचार में लगाया जा सके।

ऐसे रिझा रहे 

चुनाव आयोग की सख्ती के कारण राजनीतिक दलों के प्रत्याशी भले ही सार्वजनिक जगहों, बिजली के खंभों और दीवारों आदि पर बड़े-बड़े होर्डिंग्स व पोस्टर लगाने से गुरेज कर रहे हों, लेकिन अब बदली प्रचार शैली से प्रत्याशी मतदाताओं के घरों तक सीधे पहुंच रहे हैं।  प्रत्याशी प्रचार का माध्यम दैनिक जीवन में इस्तेमाल होने वाली चीजों को बना रहे हैं।

ऐसे सामानों में कंघी, टोपी, हेयर बैंड, अंगूठी और घड़ी आदि शामिल हैं। जिन पर प्रत्याशी अपना चुनाव चिन्ह व बड़े नेताओं के फोटो छपवाकर मतदाताओं को रिझाने का काम कर रहे हैं।

कई पार्टियों के उम्मीदवार तो महिला  मतदाताओं  के  लिए  मंगलसूत्र व हार आदि में भी चुनाव चिन्ह छपवाकर बांट रहे हैं। चुनाव के दिन कम बचे होने से नई तरकीबें अपना रहे हैं।

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