जानिए कैसे हुआ 'IceBox Baby' का जन्म!!

  • जानिए कैसे हुआ 'IceBox Baby' का जन्म!!
You Are HereNational
Wednesday, April 02, 2014-5:12 PM

नई दिल्ली: आपने टेस्ट ट्यूब बेबी होने की बात को आम सुनी जाती है लेकिन क्या आप आइसबॉक्स बेबी के बारे में सुना है। जी हां मुंबई में एक आइसबॉक्स बेबी होने का मामला सामने आया है।

जानकारी के मुताबिक आइसबॉक्स बेबी के नाम से चर्चित इस बच्चे का नाम मिथिलेश है। एक अक्टूबर को जन्म लेने वाले इस बच्चे का वजन डेढ़ किलो था। मिथिलेश का जन्म निर्धारित समय से दो महीने पहले ही हो गया था। पैसे की कमी के चलते घरवालों ने बच्चे की जान बचाने के लिए आइसबॉक्स का इस्तेमाल इंक्यूबेटर की तरह किया। वक्त से दो महीने पहले पैदा होने के बाद एक महीने तक मिथिलेश एलाइंस अस्पताल के आईसीयू में भर्ती था।

मिथिलेश का मां अरुणा ने बताया कि इस दौरान इलाज के लिए उन्हें सवा दो लाख रुपए का कर्जा तक लेना पड़ा। मुंबई से 80 किलोमीटर दूर नाला सोपारा गांव में एक फ्लैट में रहती हैं। अरुणा ने बताया कि एक वक्त ऐसा था जब हमारी हिम्मत जवाब दे गई थी। आखिर हमने बच्चे की परवरिश घर पर ही करने का फैसला लिया।

अरुणा के पति रमेश चौहान एक कंपनी में सेल्समेन की नौकरी कर दस हजार रुपए महीना कमाते है। रमेश ने बताया कि डॉक्टर की सलाह पर हमने घर पर ही आइसबॉक्स को इंक्यूबेटर की तरह इस्तेमाल किया। मगर यह घरेलू तरीका जोखिम भरा था। इसलिए मिथिलेश को इन्फेक्शन भी हुआ। ढाई सौ रुपए बॉक्स की कीमत वाले इस आइसबॉक्स को हीट के लिए उसमें चार सौ वॉट का बल्व और इसे तैयार करने की नर्स की फीस 85 रुपए थी।

एलाइंस अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अनिल गोयल कहते हैं कि जो मां-बाप इलाज का खर्च नहीं उठा सकते। वे थर्मोकॉल से बने ऐसे बॉक्स उपयोग करते हैं। यह सिर्फ समय से पहले जन्में कमजोर बच्चों के लिए है। हालांकि किसी बच्चे की मौत इस वजह से कभी सुनी नही

विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You