अदालत ने CBI से वीरभद्र के खिलाफ जांच में तेजी लाने को कहा

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Wednesday, April 02, 2014-7:38 PM

नई दिल्ली: दिल्ली उच्च न्यायालय ने आज केन्द्रीय जांच ब्यूरो  (सीबीआई) सेे कहा कि हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार और रिश्वत के आरोपों की शुरूआती जांच में तेजी लाकर इसे इसे तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाया जाए। अदालत ने कहा कि एजेंसी इतना अधिक समय नहीं ले सकती। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश बीडी अहमद और न्यायमूर्ति एस मृदुल की पीठ ने कहा कि, आप इसमें (शुरूआती जांच) तेजी क्यों नहीं ला रहे? बात यह है कि आप  जो भी कर रहे हैं उसे तेजी से करें। आप लंबा समय नहीं ले सकते।

 पीठ ने कहा, हमारा नजरिया है कि शुरुआती जांच तेजी से होनी चाहिए और इसे तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाया जाना चाहिए। अदालत ने सीबीआई को सिंह के खिलाफ आरोपों के संबंध में अब तक उठाए गए कदमों पर स्थिति रिपोर्ट दो हफ्ते में पेश करने का निर्देश दिया। पीठ ने एनजीओ च्कामन काजज् की ओर से पेश अधिवक्ता प्रशांत भूषण द्वारा दायर आवेदन पर भी एजेंसी का जवाब मांगा। इस संस्था का आरोप है कि वीरभद्र सिंह की पत्नी और बच्चों ने कुछ निजी कंपनियों से बिना गारंटी वाला करोड़ों रूपये का रिण लिया और बदले में हिमाचल के मुख्यमंत्री से इन कंपनियों को समर्थन मिला।
 

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