राज ठाकरे बोले, बाला साहेब को आखिरी वक्त में नहीं दिया जाता था अच्छा खाना

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Thursday, April 03, 2014-12:30 PM
मुंबई: लोकसभा चुनावों के आते ही विभिन्न दलों के नेताओं में जुबानी जंग तेज हो गई है। नेता एक-दूसरे पर छींटाकशी करने और कीचड़ उछालने का एक भी मौका नहीं छोड़ना चाहते। कुछ इसी तरह का वाक युद्ध इन दिनों शिवसेना और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के बीच छिड़ा हुआ है। मराठी वोटों को हथियाने के चक्कर में दोनों भाई बाला साहेब को हथियार बनाकर एक-दूसरे पर कीचड़ उछाल रहे हैं। राज ठाकरे बुधवार को मुंबई से सटे कल्याण लोकसभा सीट से एमएनएस उम्मीदवार प्रमोद राजू पाटिल के चुनाव प्रचार में बोल रहे थे। सभा में शिवसेना के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए राज ने कहा कि मैंने कभी बाला साहेब ठाकरे की पीठ में खंजर नहीं घोंपा। जब उद्धव ठाकरे हार्ट सर्जरी के लिए अस्पताल में भर्ती था तो बाला साहेब ठाकरे के फोन पर मैं वहां पहुचा।
 
राज ठाकरे ने उद्धव ठाकरे पर आरोप लगाया कि बाला साहेब को उनके अंतिम दिनों में खाना भी ठीक से नहीं मिलता था। सभा में बोलते हुए राज ठाकरे ने कहा कि एक दिन मैं बाला साहेब के साथ बैठा था। उन्हें खाने में दो बटाटा वड़ा आया वो भी छोटा सा। जब मैंने बोला ये आपकी तबीयत के लिए ठीक नहीं है तो बाला साहेब बोले कि उनको यही खाने के लिए मिलता है तो मैंने उन्हें चिकन सूप भेजा।
 
गौरतलब है कि रविवार को उद्धव ठाकरे ने पुणे रैली में कहा था कि राज ठाकरे ने उनके पिता की पीठ में खंजर घोंपा, उनके साथ विश्वासघात किया। उद्धव के इसी बयान का राज ठाकरे ने बुधवार को पलटवार किया। इन बयानबाजियों से एक बात तो साफ जाहिर हो गई कि झूठ नहीं कहा गया कि सत्ता किसी की सगी नहीं होती और सियासत में भाई-भाई का ही दुश्मन हो जाता है।
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