बिहार में खूब हो रही ‘राजनीतिक शॉपिंग’!

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Thursday, April 03, 2014-6:15 PM

पटना: लोकसभा चुनाव को लेकर बिहार में शहरों से लेकर कस्बों और गांवों में भी चुनावी रंग चढ़ गया है। शहर के चौराहों से लेकर गांवों के चौपालों तक चुनावी चर्चा का दौर जारी है। प्रत्याशियों के साथ-साथ उनके कार्यकर्ता जहां सुबह से देर शाम तक चुनावी प्रचार में लगे हैं वहीं इन दिनों पटना सहित बिहार के अन्य शहरों में ‘राजनीतिक शॉपिंग’ भी खूब हो रही है। ऐसे में खादी और टेलरों के दुकानों में नेताओं की खूब भीड़ लग रही है। सभी राजनीतिक दल के नेता अब न केवल खादी के कुर्ता और पायजामा के कपड़े खरीद रहे हैं बल्कि ये फैशनेबल नेता कपड़ों के रंगों का भी बारीकी से चयन कर रहे हैं।

क्षेत्रीय नेता अपने-अपने दल के प्रमुख नेताओं के स्टाइल का न केवल वस्त्र पहनने की चाहत रखते हैं बल्कि वो ऐसे स्टाइल के कपड़े भी खरीद रहे हैं। भाजपा के कार्यकर्ता जहां नरेन्द्र मोदी के स्टाइल में कुर्ता बनवा या खरीद रहे हैं तो कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं के लिए राहुल गांधी के स्टाइल के पायजामा और कुर्ता पहली पसंद बना हुआ है। पटना के दारोगा राय पथ के पास मौजूद टेलरों (दर्जी) की दुकानों पर इन दिनों राजनीतिक कार्यकर्ताओं की भीड़ लग रही है। इन दुकानों में देर रात तक सिलाई का कार्य चल रहा है। खादी व्यवसाय के लिए प्रसिद्घ पटना के दरोगा राय पथ पर एक आम कारीगर भी प्रतिदिन 15 से 20 जोड़ा कुर्ता-पायजामा बना रहे हैं।

करीब 10 वर्षों से खादी के व्यवसाय में लगे मोहम्मद अनवर कहते हैं कि चुनाव की घोषणा के बाद से ही कुर्ता-पायजामा सिलवाने वालों की संख्या बढ़ गई है। वह कहते हैं कि नेता अपने-अपने खास स्टाइल के कुर्ता-पायजामा सिलवा रहे हैं। साधारण कुर्ता-पायजामा के लिए 600 रुपये लिए जा रहे हैं। वह कहते हैं कि कई दुकानों में 24 घंटे काम हो रहा है। वैसे इस लोकसभा चुनाव में नरेन्द्र मोदी की स्टाइल वाले कुर्ते की मांग सबसे ज्यादा है। यही कारण है कि रेडीमेड दुकानदारों ने भी इस चुनाव में उनकी स्टाइल के कुर्ते सभी साइज के मंगवाए हैं।

गांधी टोपी के विषय में वह कहते हैं कि चुनाव में गांधी टोपी की मांग न के बराबर है। वह कहते हैं,  ‘‘अब नेताओं की पसंद बदल गई है, न अब धोती की मांग है और न ही गांधी टोपी है।’’ हालांकि उन्होंने यह जरूर कहा कि अन्ना के आंदोलन के समय में गांधी टोपी खूब बिक रही थी। महिला राजनीतिक कार्यकर्ता भी सूती साड़ी खरीद रही हैं। इस चुनाव में महिलाओं की पसंद कॉटन, कोटा चेक, तांत की साडिय़ां बनी हुई हैं।

एक अन्य खादी विक्रेता ने बताया कि खादी के कई प्रकार बाजार में उपलब्ध हैं। लोग चरखा खादी, मटका खादी, हैंडलूम खादी, अकबरपुरी खादी और मसलीन खादी काफी पसंद कर रहे हैं। आजकल लोग सफेद खादी के बजाय गहरे रंग के खादी ज्यादा पसंद कर रहे हैं, यही कारण है कि सभी खादी दुकानदार इसके स्टॉक चुनाव के पूर्व ही मंगवा कर रख चुके हैं।

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