अपहरण,नाबालिग,पुलिस,

  • अपहरण,नाबालिग,पुलिस,
You Are HereNational
Friday, April 04, 2014-4:42 PM
नई दिल्ली : उम्र 17 साल और काम बच्चे का अपहरण। नाबालिग ने पूरी फिल्मी स्टाइल में पुलिस को पूरे 40 घंटे तक एक जगह से दूसरी जगह छाकाया। जब उसको पकड़ा तो उसके चेहरे पर बिल्कुल शिकंज नहीं थी। पुलिस उसके शातिरपने के बारे में उससे पूछताछ कर रही है।
 
पूर्वी जिला के उपायुक्त अजेय कुमार ने बताया कि नाबालिग परिवार के साथ मंडावली इलाके में रहता है। उसने काफी समय पहले पढ़ाई छोड़ दी थी। आजकल वह कुछ नहीं करता है। उसके घर के पास ही वेस्ट विनोद नगर में सुनील कुमार परिवार के साथ रहता है। 30 मार्च को मंडावली पुलिस को सुनील से पता चला था कि उसका 12 साल का भाई मोनू (काल्पनिक नाम) अपने छोटे भाई के साथ अंबेडकर पार्क में खेलने गया था लेकिन दोपहर डेढ़ बजे तक वह वापस नहीं लौटा था, जबकि उसका भाई घर लौट आया था। सुनील ने बताया कि उनके परिवार के मोबाइल फोन पर एक कॉल आई थी। कॉलर ने मोनू को छोडऩे के लिए 50 हजार रुपए की मांग की थी। पुलिस ने तुरंत अपहरण का मामला दर्ज किया। ए.सी.पी. वीर सिंह त्यागी की देखरेख में मंडावली, मधु विहार और स्पैशल स्टाफ की टीमों को आरोपी को पकडऩे के लिए तैनात किया। 
 
कॉल के बारे में पुलिस को पता चला कि कॉल किसी एस.टी.डी. बूथ से आई थी। पुलिस अभी इस बारे में जांच ही कर रही थी कि कॉलर ने एक बार फिर कॉल करके कहा कि रकम लेकर वे सराय काले खां बस स्टैंड के पीछे आ जाएं। पुलिस ने तुरंत एक बैग में 50 हजार रुपए के नकली नोट रखकर शिकायतकत्र्ता को दिए। पुलिस की टीम सादे कपड़ों में उनके साथ चल दी लेकिन कुछ ही देर बाद कॉलर का एक बार फिर फोन आया। कॉलर ने कहा कि रकम लेकर आनन्द विहार बस ट्रमिनल पर आ जाए। इसके तुरंत बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की लेकिन करीब आधे घंटे बाद कॉलर ने एक बार फिर फोन करके कहा कि रकम लेकर कौशांबी स्थित डाबर चौक मैट्रो पिलर नंबर 207 के पास लेकर आ जाए। पुलिस ने इस बार मौके पर जाकर घेराबंदी कर उसके कब्जे से अपह्त बच्चे को छुड़ा लिया। 
यहाँ आप निःशुल्क रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं, भारत मॅट्रिमोनी के लिए!

Recommended For You