चौपाल बना प्रचार करते हैं रमेश

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Friday, April 04, 2014-5:31 PM

नई दिल्ली (ताहिर सिद्दीकी): मकानों की दीवारों की छांव, फूलों की माला लिए पब्लिक और गांव के दादा-ताऊ की चौपाल। एक हाथ में छड़ी व दूसरे में फूलों की माला लिए गांव के बूढ़े-बुजुर्ग भी।

यह नजारा था दक्षिणी दिल्ली से कांग्रेस उम्मीदवार रमेश कुमार की चुनावी सभा की तैयारी का। सुबह करीब 9.30 बजे विलेज सैदुल्लाजाब चौपाल में उन्हें चुनावी सभा को सम्बोधित करना था।

कार्यकर्ताओं ने सारा इंतजाम कर रखा था और गांववालों को प्रोग्राम के बारे में पहले से सूचित कर दिया गया था, इसलिए अच्छी संख्या में लोग पहुंचे थे। इनमें बुजुर्गों की संख्या सबसे ज्यादा थी।

कुछ महिलाओं और बच्चों ने भी उनका साथ दिया। हालांकि उनका आना कौतुहलवश ही लग रहा था। स्थानीय सांसद व कांग्रेस उम्मीदवार रमेश कुमार अपने बड़े भाई सज्जन कुमार व पूर्व विधायक बलराम तंवर के साथ जैसे ही पहुंचे कार्यकर्ताओं  ने गगनभेदी नारों के साथ उन्हें घेर लिया।

सबसे पहले बुजुर्गों ने उन्हें फूलों की माला पहनाकर स्वागत किया। दिलचस्प पहलू यह है कि कार्यकर्ताओं ने कुमार बंधुओं व अन्य नेताओं का स्वागत करने के लिए लोगों को माला पहले से ही थमा रखी थी।

सभा के दौरान खूब तालियां भी बजीं लेकिन इसमें ज्यादातर हाथ पार्टी कार्यकर्ताओं के थे। अब रमेश कुमार पदयात्राओं की जगह इलाके में घूम-घूमकर चुनावी सभाओं को सम्बोधित करने पर ज्यादा जोर दे रहे हैं।

सैदुल्लाजाब में रमेश कुमार ने कांग्रेस शासन में इलाके में किए गए विकास कार्यों की खूब दुहाई दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने ही अवैध कालोनियों व पुनर्वास कालोनियों में रहने वालों को मालिकाना हक दिया।

झुग्गी-बस्तियों में रहने वालों को पक्के मकान बनाकर देने की योजना की शुरूआत हो चुकी है। उन्होंने खाद्य सुरक्षा से लेकर अम्बेडकर नगर में बन रहे 200 बिस्तर वाले अस्पताल का भी नाम लेना नहीं भूले।

उन्होंने भाजपा पर हमलावर होते हुए कहा कि भाजपा ने अपने शासन में गरीबों को उजाडऩे के सिवाय कोई काम नहीं किया। 

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