आश्रय देने वाले को बना दिया गुनहगार

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Saturday, April 05, 2014-2:26 PM

 

 नई दिल्ली (महेश चौहान)-पहले सिर छुपाने की जगह मांगी, फिर जिसने दिया आश्रय उसी के सिर से छत छिनने की कोशिश कर डाली। मेहमान बनकर आए और फिर शैतान का रूप धर लिया कि मकान मालिक को अपने ही घर से भागना पड़ा।
ेेेेेे ऐसा  ही हुआ भजनपुरा में रहने वाले इंदु भूषण के साथ जो करीब डेढ़ महीने से अपने रिश्तेदारों के घर रह रहे हैं। उन्हें डर है कि झूठे आरोप में उन्हें गिरफ्तार करा दिया जाएगा। इंदु भूषण का भजनपुरा में  3 मंजिला मकान है। वह बिहार के रहने वाले हैं। नवम्बर 2013 में गांव के एक जानकार जयराम अपनी मां नीलम (57) के साथ इनके यहां आए और रहने के लिए जगह मांगी।
उनकी हालत देखकर पीड़ित ने अपने मकान के ग्राऊंड फ्लोर पर बने 2 कमरे उन्हें दे दिए। जयराम लाजपत राय मार्कीट में अंडे की रेहड़ी लगाने लगा था। कुछ ही दिन बाद जयराम अपने साथ एक महिला और 2 बच्चों को ले आया। महिला का नाम सोनिया था जिसे वह अपनी पत्नी बता रहा था लेकिन सोनिया उसकी पत्नी है या इसकी अशंका है। पीड़ित का कहना है कि जल्द ही जयराम के घर में देर रात तक अंजान लोग आने लगे   जिसके  बारे में पूछे जाने पर वह जानकार बताता था।
7 फरवरी 2014 की रात  डोरबैल बजने पर पीड़ित की पत्नी संगीता ने दरवाजा खोला  । जयराम ने उस समय संगीता से छेड़छाड़ और बदतमीजी की  । पीड़ित ने अगले ही दिन जयराम को मकान खाली करने के लिए कह दिया जिसके बाद से ही जयराम और उसकी पत्नी पीड़ित पर गंभीर आरोप लगाते रहे, जिसमें पीड़ित ने भजनपुरा पुलिस स्टेशन में जयराम और उसकी पत्नी के खिलाफ शिकायत भी की थी। 15 फरवरी 14 को सोनिया ने पीड़ित के खिलाफ भजनपुरा पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज करा दी। उसने बताया कि पीड़ित और उसकी पत्नी ने घर में आकर उसके साथ मारपीट की, जिसके बाद वह बेहोश हो गई। दोनों ने उसको जान से मारने की धमकी भी दी थी। इसी के बाद से पीड़ित गिरफ्तारी से बचने के लिए अपने रिश्तेदारों के घर रात बिताने को मजबूर है।
उसको पुलिस से कोई मदद नहीं मिल रही है। उसका कहना है कि अगर पुलिस जयराम और उसकी पत्नी के बारे में जांच करें तो उनको कई फर्जी मामले उनके खिलाफ   सामने आ सकते हैं।

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