देहात में ड्यूटी से बच रहे चुनावकर्मी

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Saturday, April 05, 2014-3:33 PM

नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव में ड्यूटी के लिए कर्मचारी गांव-देहात जाने से बच रहे हैं। दरअसल, मतदान व मतगणना के दिन कर्मचारियों को 18 घंटे की ड्यूटी देनी होती है। देहात में सुविधाओं का अभाव खास मुसीबत पैदा करता है।

खाना तक मिलना मुश्किल होता है। यही वजह है कि अधिकारी गांव की ओर बने मतदान केंद्रों पर जाने से कतरा रहे हैं।

बाहर जाने पर होती है पाबंदी

लोकसभा चुनाव के लिए मतदान वाले दिन 10 अप्रैल और मतगणना वाले दिन 16 मई को विभिन्न विभागों के 98 हजार कर्मचारी ड्यूटी पर रहेंगे। मतदान व मतगणना के दिन कर्मचारियों को 18 घंटे तक ड्यूटी देनी पड़ती है।

लेकिन बदइंतजामी से कर्मचारियों को भोजन तो दूर चाय भी नसीब नहीं होती। कर्मचारी को केंद्र से बाहर जाकर खाने की इजाजत नहीं होती और घर से भी खाना साथ लेकर जाने की इजाजत नहीं है।

राजनीतिक दलों का भोजन खाने की सख्त मनाही है। यदि कोई कर्मचारी मतदान केन्द्र के अंदर बैठे राजनीतिक दलों के एजेंटों के लिए आए खाने व चाय आदि लेते पाया जाता है तो उसके खिलाफ  कार्रवाई हो सकती है।जबकि चुनाव आयोग की ओर से भेजा जाने वाला भोजन कर्मचारियों तक पहुंचता ही नहीं है।

आयोग दे रहा दिलासा

चुनाव आयोग ने मतदान केंद्रों पर सभी व्यवस्थाओं का भरोसा दिया है। आयोग की ओर से इस बाबत निर्देश जारी हैं कि मतदान केंद्र और मतगणना कार्य में लगने वाले सभी कर्मचारियों को भोजन व चाय आदि की व्यवस्था की जाए। इसकी जिम्मेदारी क्षेत्र के जिलाधिकारी देखेंगे। 

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