महात्मा गांधी को लेकर हुआ एक बड़ा खुलासा!

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Sunday, April 06, 2014-4:31 PM

नई दिल्ली: शिमला के इतिहासकार एस.आर. मेहरोत्रा ने अपनी हाल ही में प्रकाशित पुस्तक में महात्मा गांधी को लेकर खुलासा किया है कि उनको ‘महात्मा’ का पहली बार खिताब रबीन्द्र नाथ ठाकुर ने नहीं बल्कि डा. प्राणजीवन मेहता ने दिया था। उन्होंने यह खुलासा अपनी हाल ही में प्रकाशित पुस्तक द महात्मा एंड द डॉक्टर में किया है। उन्होंने अपनी किताब में मेहता द्वारा1909 में गोपाल कृष्ण गोखले को लिखे पत्र को भी प्रकाशित किया है जिसमें गांधी जी को ‘महात्मा’ कहा गया है।

जनवरी 2014 में मुंबई से छपी इस पुस्तक में डा. मेहरोत्रा ने डा. प्राणजीवन मेहता के पत्र का हवाला दिया है जो उन्होंने जी.के. गोखले को रंगून से 8 नवंबर, 1909 को लिखा था,किताब में प्रकाशित खत के शुरू में ही डा. प्राणजीवन ने लिखा है कि अपने यूरोप के दौरे के दौरान मैंने गांधी की साल भर में महानता देखी है। उनका लोगों की भलाई के लिए कार्य करना देखा, नि:स्वार्थ लोगों की सेवा में हर समय लगे रहना। जिसके बाद उन्होंने महात्मा गांधी को महात्मा का खिताब दिया था। गौरतलब है कि अब तक यह कहा जाता रहा है कि कवि रबींद्रनाथ टैगोर ने 1919 के आसपास ने पहली बार गांधी को ‘महात्मा’ का खिताब से नवाजा था।

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