विधानसभा चुनाव 2017: कमल खिलने के हैं आसार

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Monday, December 18, 2017-9:17 AM

भाजपा के अधिकतर समर्थक महिलाएं, अभिजात वर्ग एवं प्रबुद्ध नागरिक हैं। ये लोग ही भाजपा को सत्ता तक पहुंचाते हैं। चंद्रमा पर योगकारी शुक्र की दृष्टि व्ययेश, पंचमेश धनेश का संबंध बन गया है, जोकि अच्छा है। गुजरात विधानसभा चुनाव 2017 पर विश्व की नजरें लगी हैं। इसकी मुख्य वजह प्रधानमंत्री एवं भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का गृह जनपद होना है। जो बीते 2 दशकों से भाजपा द्वारा शासित है, जहां कांग्रेस को 100 प्रतिशत लाभ मिलने में अभी कई समीकरण साधने होंगे। अगर कांग्रेस गुजरात में पहले से कुछ अधिक सीटें भी हासिल करने में सफल हो जाती है तो उससे राहुल गांधी और कांग्रेस का राजनीतिक कद बढ़ जाएगा जिसकी उम्मीद अभी कम ही दिख रही है।


कांग्रेस
कांग्रेस पार्टी लग्नेश, चतुर्थेश बृहस्पति लाभ भेषमान में पहले एकादशेश शुक्र के साथ महाबली योग बना रही है लेकिन धनु लग्न की कुंडली में शुक्र एक अकारक ग्रह होता है और बृहस्पति पर केंद्राधिपति दोष है। कांग्रेस ने 6 दशक तक राज किया है। यदा-कदा ही देश में कांग्रेस का विरोध हुआ। कोई भी राजनीतिक पार्टी लम्बे समय तक कांग्रेस को सत्ता की भागीदारी से दूर नहीं रख पाई। द्वितीयेश, तृतीयेश शनि अपनी नीच राशि में अच्छा नहीं है। यह शनि राजयोग कारक भी है। इसलिए कांग्रेस पार्टी ने अब तक सबसे अधिक वर्षों तक देश में राज किया है। कोई भी विरोधी पार्टी या गठबंधन इसे अधिक समय तक सत्ता से बाहर न रख पाए हैं। इस पार्टी के कई प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्रियों ने देश पर राज किया है। पंचमेश, व्ययेश मंगल द्वितीय स्थान में अपनी उच्च राशि में है और शनि द्वारा दृष्ट भी यह एक अच्छा संयोग है। शनि-मंगल का परिवर्तन योग है। पंचम में द्वितीयेश, तृतीयेश, अष्टमेश की स्थिति के कारण कांग्रेस में कुछ लोग मनमाने ढंग से अपने विचार रखते हैं, विचारों की भिन्नता साफ नजर आती है, अनर्गल विचारों एवं वक्तव्यों के कारण पार्टी बंटी सी लगती है। पराक्रम स्थान में राहु भी राजयोग कारक है। यह राजनीतिक पार्टियों के लिए राजयोग कारक है। इसलिए कांग्रेस एक राष्ट्रीय पार्टी है। वह हमेशा सत्ता या विपक्ष में कहीं न कहीं बनी रहती है। षष्टेश लाभेश लाभ में शुक्र अच्छा है। सप्तमेश, दशमेश बुध व्यय में, भाग्येश सूर्य के साथ बहुत ही अच्छा है जो पराशरीय राजयोग है, भाग्य स्थान का केतु अच्छा नहीं है। विंशोत्तरी दशा क्रम में राहुल की दशा में बुध के अंतर में बृहस्पति के प्रति अंतर में जोकि 18/12/2017 तक रहेगा अच्छा नहीं है।


भाजपा
भाजपा का लग्नेश सुखेश बुध शनि के घर में भाग्य स्थान में केतु के साथ स्थित है। पराक्रम स्थान में मंगल, शनि, बृहस्पति, राहु की युति एक प्रकार से पराशरीय राज योग का सृजन कर रहे हैं। यहां पर एक साथ कई राजयोग बन गए हैं। यह एक युवा पार्टी है। यह 2 सांसदों से 283 सांसदों तक पहुंच गई है। उसकी 20 राज्यों में सरकारें इन्हीं राजयोगों के कारण हैं। द्वितीयेश षष्टम में वृश्चिक राशि में नीच भंग राजयोग बन रहा है। अब लम्बे समय तक कोई भी पार्टी उन्हें सत्ता से बाहर नहीं कर पाएगी, विरोधी कुछ ऐसी भूलें करेंगे कि भाजपा का जनाधार बढ़ेगा ही बढ़ेगा। पराक्रम स्थान में दशमेश, सप्तमेश, बृहस्पति भाग्येश, अष्टमेश शनि, राहु षष्टेश, लाभेश मंगल की युति ने पार्टी को आगे बढ़ाया है। पार्टी का जनाधार बढ़ा है।


नरेंद्र मोदी
लग्नेश लग्र में भाग्येश चंद्रमा के साथ राजयोग कारक है। चंद्रमा द्वारा नीच भंग राजयोग बन रहा है। चतुर्थ स्थान का बृहस्पति दशम स्थान के शुक्र-शनि के साथ पराशरीय राजयोग बना रहा है। हिमाचल प्रदेश, गुजरात विधानसभा चुनाव के समय चंद्रमा के अंतर में बुध और प्रत्युंत्तर में शुक्र की दशा अच्छी है। इनकी यश-प्रतिष्ठा बढ़ेगी और मान-सम्मान मिलेगा।

निष्कर्ष : यह निष्कर्ष निकलता है कि हिमाचल प्रदेश व गुजरात विधानसभा चुनाव में भाजपा की सरकार बनेगी। 


सोनिया गांधी
सोनिया गांधी का लग्नेश चंद्रमा व्यय में अच्छा नहीं है। लग्न का शनि भी अच्छा नहीं है। यह स्वास्थ्य को प्रभावित करता है और शत्रुओं की वृद्धि करने वाला है। द्वितीयेश पंचम में व्ययेश, पराक्रमेश बुध और केतु के साथ स्थित है जो अच्छा नहीं है। सुखेश, लाभेश शुक्र अच्छा है, धन-सम्पत्ति की कोई कमी नहीं है, सोनिया गांधी जी की विशोन्तरी दशा क्रम में शुक्र की दशा में शुक्र का अंतर अच्छा नहीं है। उन्हें स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना चाहिए, आगे समय बहुत खराब है।


राहुल गांधी
राहुल गांधी का लग्नेश व्यय में द्वितीयेश चंद्रमा से दृष्ट है जो अच्छा नहीं है। इससे इनको अपयश मिलता है। लग्न में सूर्य-मंगल की स्थिति अच्छी नहीं है। उन्हें अपनी सुरक्षा का भी ध्यान रखना चाहिए। सप्तमेश, दशमेश, बृहस्पति अच्छा नहीं है, उन्हें अपनी कार्यशैली भी बदलनी चाहिए। इसी ग्रह की स्थिति के कारण 3 साल से उनके अध्यक्ष बनने में अनावश्यक रुकावटें आ रही थीं। विशोन्तरी दशा में, मंगल की दशा में शनि का अंतर अच्छा नहीं है।

 

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