तारों में उलझ कर तेंदुए की मौत

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Tuesday, November 28, 2017-4:36 PM

साम्बा : जिले के बीरपुर क्षेत्र में आज सुबह एक तेंदुआ अचेत पड़ा पाया गया जिसे देख कर पहले तो लोगों में दहशत फैल गई। लोगों ने सोचा कि यह सोया अथवा बेहोश पड़ा है जब काफी देर तक हलचल न हुई तो जल्द ही साफ हो गया कि तेंदुए की मौत हो चुकी है। 5 फीट से भी अधिक लम्बा यह तेंदुआ एक किं्वटल वजनी बताया गया है। बीरपुर गांव से महज 500 मीटर दूर यह तेंदुआ स्थानीय नर्सरी में पड़ा मिला जिसके बाद मौके पर पहुंचे स्थानीय सरपंच गौतम जम्वाल व अन्य लोगों ने वाईल्ड लाईफ विभाग के साथ ही वन विभाग व पुलिस को भी सूचित किया। 


    खबर मिलने के आधे घंटे में ही वन्य जीव विभाग के रेंज-मानसर अधिकारी नीरज बडू के नेतृत्व में विभाग की टीम गाड़ी लेकर मौके पर पहुंची। टीम के सदस्यों ने पूरी जांच के बाद पाया कि तेंदुए की मौत हो चुकी है। बताया गया है कि तारों का फंदा इस तेंदूए की कमर में फंसा था। तारों के चंगुल से छूटने के लिए संभवत: यह तेंदुआ रात भर संघर्ष करता जिससे यह तारों का फंदा खिसक कर उसकी गर्दन में आ फंसा और दम घुटने से इसकी मौत हो गई। घटनास्थल पर आसपास की तमाम झाडिय़ां-पौधे टूटे-कुचले पड़े थे और जमीन पर संघर्ष के काफी निशान थे जिससे साफ था कि तेंदुए ने जान बचाने की काफी कोशिश की लेकिन बच नहीं पाया। हालांकि अभी साफ नहीं हो पाया है कि यह तारें नर्सरी की बाड़ का हिस्सा था अथवा फसलों आदि को नष्ट करने वाले जंगली जानवरों को फंसाने के लिए जानबूझ किसी ने तारों का यह फंदा बिछाया था। 


मांडा में डॉक्टरों ने किया शव का पोस्टमार्टम 
वहीं वन्य जीव विभाग की टीम के सदस्य जाकिर हुसैन ने बताया कि उनके पहुंचने से पहले ही तेंदुए की मौत हो चुकी थी। टीम ने शव को कब्जे में ले गाड़ी में डाला व जम्मू के मांडा स्थित वन्य जीव विभाग के मुख्यालय में पहुंचाया गया यहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने शव का पोस्टमार्टम किया। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद तेंदुए की मौत के कारणों का पता लग पाएगा व अगली कार्रवाई की दिशा तय होगी। सनद रहे कि जाल बिछा कर जंगली जानवरों को मारना गंभीर अपराध है। 


पिछले साल बीरपुर में जीवित पकड़ा गया था तेंदुआ
वहीं स्थानीय पूर्व सरपंच गौतम सिंह जम्वाल ने बताया कि गत लम्बे समय से इस पहाड़ी इलाके में तेंदुए घूमते रहे हैं लेकिन जिस प्रकार आज एक तेंदुए की दर्दनाक मौत हुई है उससे लोगों में शोक है। उन्होंने बताया कि गत वर्ष भी यहां एक तेंदुआ तार में फंस गया था लेकिन उसे लोगों की मदद से जीवित बचा लिया गया था व मांडा भेजा गया था। उन्होंने कहा कि तेंदुओं की इस प्रजाति की संख्या धीरे-धीरे कम होती जा रही है इसलिए वन्य जीव विभाग को चाहिए कि वह ऐसी योजना बनाए जिससे यह संरक्षित जानवर जंगलों में सुरक्षित रह सकें। 

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