एक मां की बेबसी, बेटे का शव ले जाने के लिए करना पड़ा 5 घंटे इंतजार

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Wednesday, November 16, 2016-6:13 PM

दंतेवाड़ा: मां के साथ बस में सफर के दौरान एक स्कूली बच्चे की अचानक हुई मौत के बाद बेटे का शव घर तक ले जाने गरीब मां को मदद के लिए पांच घंटे परेशान होना पड़ा। हादसा कल मोखपाल में हुआ। गरीब आदिवासी मां की बेबसी पर आखिरकार मोखपाल संकुल समन्वयक हीरालाल को तरस आया। उन्होंने इंतजाम कर बेटे की लाश के साथ मां को उसके घर झलियारास भिजवाया।   

बेबस मां सुखाई के मुताबिक पांचवीं कक्षा में झलियारास में पढऩे वाले 12 साल के अपने बच्चे बलीराम के साथ सुकमा जिला के झलियारास से बड़ेगुडऱा अपने किसी रिश्तेदार के यहां जाने दंतेवाड़ा की बस में सवार हुई। चलती बस में ही बेटे बलीराम की तबीयत बिगड़ी और उसने दम तोड़ दिया। बस वाले ने उसे मोखपाल बाजार के पास ही उतार दिया। मुसीबत की इस घड़ी में उसने सब तरफ मदद के लिए नजरें दौड़ाई पर कोई मददगार सामने नहीं आया। टैक्सी वालों की बड़ी मांग भी मां पूरी नहीं कर पा रही थी। आखिरकार हीरालाल ने इंतजाम कर उसे उस बेबस मां को बच्चे के शव के साथ झलियारास भिजवाने में मदद की। 


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