छत्तीसगढ़ः नदी-नाले का नहीं RO का पानी नक्सलियों से लोहा लेंगे जवान

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Saturday, November 04, 2017-11:04 PM

नई दिल्लीः छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाकों में पुलिस नक्सलियों के अलावा दूषित पानी और मच्छरों से दो-दो हाथ करने को मजबूर है। पुलिस जवानों की इस परेशानी के मद्देनजर अब बीजापुर जिले के थानों में आरओ सिस्टम और फॉगिंग मशीनों की व्यवस्था की जा रही है। बीजापुर जिले के एसपी मोहित गर्ग ने बताया कि जिले के धुर नक्सल प्रभावित इलाकों में तैनात पुलिस जवानों को अक्सर दूषित पानी और गंदगी से होने वाली बीमारियों का सामना करना पड़ता है। जवानों की इस स्थिति को देखते हुए जिले के सभी पुलिस थानों और शिविरों में साफ पानी के लिए आरओ मशीन और 16 स्थानों पर धुएं वाली मशीनों की व्यवस्था की गई है।

केवल सीआरपीएफ को उपलब्ध थी सुविधा 
गर्ग ने बताया कि जिले में तैनात पुलिस जवान नक्सल रोधी अभियान के लिए निकलते थे। उस दौरान नदी-नाले का पानी पी लेते थे और बीमार पड़ते थे। इसे देखते हुए पुलिस प्रशासन ने थानों और शिविरों में आरओ लगाने का फैसला किया है।पुलिस अधिकारी ने बताया कुछ समय पहले ही जिले के सभी 21 थानों और छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल के 24 शिविरों में आरओ सिस्टम लगाने का काम पूरा हो गया है। बीजापुर जिला बस्तर क्षेत्र का ऐसा एकमात्र जिला है जहां के सभी थानों में साफ पानी के लिए आरओ सिस्टम लगाया गया है। ये सुविधाएं अभी तक केवल केंद्रीय बलों के शिविरों में ही उपलब्ध थीं।

250 से अधिक जवान पड़ चुके हैं बीमार 
उन्होंने बताया कि केवल बीजापुर जिले में ही अक्टूबर माहीने तक पुलिस के 60 जवान दूषित पानी के कारण बीमार हुए थे और 250 जवानों को मलेरिया और डेंगू हुआ था. इनमें से तीन जवानों की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। गर्ग ने बताया कि इस क्षेत्र में तैनात होने के दौरान वह स्वयं भी मलेरिया और डेंगू का तीन बार सामना कर चुके हैं। अधिकारी ने बताया कि इसके साथ ही पुलिस जवानों को पानी छानने वाली बोतल दी गई है जिससे वे जंगल में अभियान के दौरान वहां मिलने वाले पानी को पीने योग्य बना सकते हैं।
 

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