दिल्ली में प्रदूषण पर उच्चतम न्यायालय सख्त: केन्द्र, पंजाब सहित 4 राज्यों को नोटिस

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Tuesday, November 14, 2017-10:27 AM

नई दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में बढ़ते प्रदूषण पर अंकुश के लिए दायर याचिका पर आज केन्द्र, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब सरकारों को नोटिस जारी किए। प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा,  न्यायमूर्ति ए.एम. खानविलकर और न्यायमूर्ति डी.वाई. चन्द्रचूड़ की 3 सदस्यीय खंडपीठ ने कहा कि किसी भी अन्य अदालत में प्रदूषण को लेकर चल रही कार्रवाई पर रोक नहीं होगी। शीर्ष अदालत ने केन्द्र और सबंधित राज्य सरकारों को जिस याचिका पर नोटिस जारी किया है उसमें प्रदूषण पर रोक लगाने के लिए सौर ऊर्जा और इलैक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने का निर्देश दिए जाने की अपील की गई है। याचिका वकील आर.के. कपूर ने दायर की है। याचिका में सम-विषम कार योजना भी कारगर तरीके से लागू करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है।

‘ऑड-ईवन में महिलाओं-दोपहिया को दें छूट’
दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एन.जी.टी.) में ऑड-ईवन योजना को शर्तों के साथ लागू करने के फैसले पर पुनॢवचार करने के लिए आज याचिका दायर की। पुर्नविचार याचिका में दिल्ली सरकार ने न्यायाधिकरण के उस फैसले, जिसमें ऑड-ईवन के दौरान दोपहिया और महिलाओं को छूट नहीं देने की बात कही गई है, समीक्षा करने का अनुरोध किया है। इससे पहले सुनवाई के दौरान राज्य सरकार के वकील के नहीं पहुंचने पर न्यायाधिकरण ने दिल्ली सरकार को फटकार लगाई थी।  


दिल्ली की हवा और बिगड़ी, डीजल वाहनों पर रोक की सिफारिश
राजधानी में प्रदूषण का स्तर खतरनाक बना हुआ है। बीच-बीच में थोड़ी कमी आती है, लेकिन फिर से हवा खराब हो जाती है। रविवार को खतरनाक स्तर पर रहने के बाद सोमवार को भी प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्तर पर बना रहा। केंद्र सरकार की संस्था सफर के मुताबिक सोमवार को पी.एम. 2.5 का स्तर 337 दर्ज किया गया। पी.एम. 10 का स्तर 531 रहा। इसी बात को ध्यान में रखते हुए एन्वायरमैंट पॉल्यूशन कंट्रोल अथॉरिटी ने सभी डीजल वाहनों पर प्रतिबंध लगाने की सिफारिश कर दी। 

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