यमुना को प्रदूषित करने पर बेकरी मालिक को दो साल की जेल, 3.5 लाख रुपए का जुर्माना भी

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Friday, November 24, 2017-11:22 PM

नई दिल्ली: यमुना में अशोधित अपशिष्ट डालने को लेकर एक स्थानीय अदालत ने एक बेकरी मालिक को दो साल की जेल की सजा सुनाई और उस पर कुल 3.5 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया। अदालत ने कहा कि इस तरह के असंवेदनशील रवैये ने नदी में प्रदूषण बढ़ाया है। अदालत ने कहा कि इस बेकरी मालिक जैसे लोगों की असंवेदनशीलता के चलते ही मौजूदा पीढ़ी के पास निर्मल और स्वच्छ यमुना नहीं है। इसने कहा कि आरोपी ने अगली पीढ़ी का ध्यान नहीं रखा।

विशेष न्यायाधीश संजय कुमार अग्रवाल ने विकास बंसल को जेल की सजा सुनाई और उस पर 2. 5 लाख रुपए का पर्यावरण क्षतिपूर्ति जुर्माना भी लगाया। यह राशि प्रधानमंत्री के राहत कोष को अदा की जाएगी। उन्होंने कहा कि दिल्ली स्थित बेकरी इकाई ‘हरियाणा पनीर भंडार’ ने यमुना में अशोधित अपशिष्ट डाल कर उसे प्रदूषित किया। अदालत ने बंसल को जल (प्रदूषण रोकथाम एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1974 के प्रावधानों के तहत दोषी ठहराते हुए उस पर एक लाख रुपए का अतिरिक्त जुर्माना भी लगाया।

अदालत ने कहा कि यह नागरिकों का कर्तव्य है कि वे अगली पीढिय़ों को प्राकृतिक संसाधन सौंपें। न्यायाधीश ने कहा कि इस कृषि प्रधान देश में नदियों को जीवन का स्रोत समझा जाता है। नदियों का सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और धार्मिक महत्व है। हालांकि, सत्र अदालत ने बंसल को एक मजिस्ट्रेट अदालत द्वारा सुनाई गई तीन साल की कैद की सजा को घटा कर दो साल कर दिया। 

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