स्वास्थ्य मंत्रालय ने बदला टीबी का इलाज, अब रोज खानी होगी दवा

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Friday, November 17, 2017-7:15 PM

नेशनल डेस्क: स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने संशोधित राष्ट्रीय टीबी नियंत्रण कार्यक्रम (आरएनटीसीपी) के अंतर्गत हाल में पूरे देश में तपेदिक (टीबी) रोग पीड़ितों के लिए दवा की दैनिक खुराक व्यवस्था लागू करने की घोषणा की है। 

मंत्रालय ने पहले टीबी के इलाज के लिए दवा की खुराक सप्ताह में तीन बार लेने को कहा था लेकिन अब टीबी रोगियों के लिए इलाज में बदलाव करने का निर्णय लिया गया है और इलाज के लिए मिश्रित दवाओं की तय खुराक का इस्तेमाल करते हुए सप्ताह में तीन बार के स्थान पर दैनिक खुराक की व्यवस्था की गई है। इस परिवर्तन से टीबी बीमारी से लडऩे के दृष्टिकोण में बदलाव आएगा। टीबी के कारण प्रत्येक वर्ष 4.2 लाख लोग मर जाते हैं।

टीबी रोधी दैनिक मिश्रित दवा खुराक निजी फार्मेसी और प्राइवेट प्रेक्टिस करने वाले डाक्टरों को उपल्बध करवाई जाएगी ताकि दवाओं की खुराक उन रोगियों को दी जा सके जो निजी क्षेत्र में अपनी सुविधा अनुसार इलाज करा रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय टीबी के सभी मरीजों तक मिश्रित दवाओं की तय खुराक दैनिक रूप से उपलब्ध कराने के लिए इसका विस्तार सभी बड़े अस्पतालों, आईएमए, आईएपी, तथा पेशेवर चिकित्सा संगठनों तक करेगा।

इलाज के इस तरीके की विशेषता यह है कि सभी रोगियों को निरंतर चरणों में इथैन ब्यूटॉल दिया जाएगा। दवाएं रोजाना दी जाएंगी। दवाएं पहले सप्ताह में तीन बार दी जाती थी। मिश्रित दवाओं की तय खुराक से मरीजों को कम गोलियां खानी पडेंगी उन्हें पहले सात अलग-अलग टैबलेट खाने पडते थे। बच्चों के लिए घुलनशील टैबलेट होंगे।  विश्व स्वास्थ्य संगठन की वैश्विक टीबी रिपोर्ट 2017 में कहा गया है कि टीबी ग्रसित लोगों की संख्या 28.2 लाख से घटकर 27 लाख हो गई है और पिछले एक वर्ष में मृत्यु में 60 हजार की कमी आयी है। भारत सरकार का टीबी रोधी अभियान की पुष्टि है।
 

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