भारत में हर साल इस बीमारी से मर रहे हैं 3 करोड़ लोग

  • भारत में हर साल इस बीमारी से मर रहे हैं 3 करोड़ लोग
You Are HereNational
Monday, November 14, 2016-8:52 AM

चंडीगढ़(रवि) : भारत में दिल के रोगों से पीड़ित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। जिनमें से करीब 3 करोड़ लोगों की हर साल मौत हो जाती है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अपने स्वास्थ्य को भूल गए हैं। गलत रहन-सहन और गलत खानपान की वजह से बड़ी संख्या में लोग दिल की बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। डाक्टर्स की मानें तो इतनी बड़ी संख्या में बीमारी होने के बावजूद सिर्फ 2 प्रतिशत लोगों ही अपना इलाज करवा पा रहे हैं। जिसका मुख्य कारण भारत में दिल की बीमारियों का इलाज बहुत महंगा होना है लेकिन जरा सी सावधानी बरतकर 90 प्रतिशत लोग इससे बच सकते हैं। इसके लिए थोड़ी सी कसरत और हैल्दी खानपान ही काफी है। अगर समय रहते स्टैंटस दवाइयों का प्रयोग भी किया जाए तो काफी हद तक दिल की बीमारियों से बचा सकता है।

 

स्टैंट्स दवाएं हैं कारगर :
डाक्टर्स की मानें तो दिल की बीमारियों से बचने के लिए स्टैंट्स नामक दवा काफी कारगर है। स्टैंटस को शुरू हुए आज 20 साल से ज्यादा हो चुके हैं और इनके प्रयोग से लाखों लोग दिल की बीमारियों से बच पाए हैं। डाक्टर्स की मानें तो रिसर्च में भी सामने आया है कि इन दवाइयों के नियमित प्रयोग से दिल की बीमारी होने का खतरा 55 प्रतिशत तक कम हो जाता है। भारत में 55 साल की उम्र तक आते-आते ज्यादातर लोग दिल की किस ना किसी बीमारी से ग्रस्त हो जाते हैं। अगर डॉक्टर की सलाह लेकर 30 या 35 साल की उम्र से ही स्टैंट्स दवाओं का प्रयोग शुरू कर दिया जाए तो दिल की बीमारियों से बचा जा सकता है। दुनिया के कई देशों में इसका प्रयोग हो रहा है मगर भारत में लोगों को इसके प्रति जागरुक करने की जरुरत है।

 

आयुर्वेद में इलाज संभव, मगर अभी कोई प्रमाण नहीं :
आयुर्वेद भारत की एक महान देन है और लगभग इसमें लगभग हर बीमारी का इलाज भी है लेकिन इस पर अभी रिसर्च चल रही है। कौन सी आयुर्वैदिक दवा किस बीमारी में कितनी कारगर है इस पर रिसर्च होना बाकी है। आयुर्वेद को लेकर आज जितनी भी दवाएं बन रही हैं वो हमारे पुराने लेखों में लिखे तरीकों से ही हो रही है। 

 

कम उम्र में भी होने लगा हार्ट अटैक :
इंडियन मैडीकल एसोसिएशन और पंजाब मैडीकल काऊंसिल के सहयोग से दिल से जुड़ी बीमारियों को लेकर चर्चा की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को दिल की बीमारियों के प्रति सचेत करना और इस क्षेत्र में हुई प्रगति के बारे में चर्चा करना था। इस मौके पर मौजूद ए.सी.ई. अस्पताल मोहाली के डा. पुनीत वर्मा ने हृदय रोग के विभिन्न कारणों के बारे में अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि दिल के रोगों का बढऩे का मुख्य कारण समय पर उपचार का अभाव भी है। 
 
 

अपना सही जीवनसंगी चुनिए| केवल भारत मैट्रिमोनी पर- निःशुल्क रजिस्ट्रेशन

Recommended For You