JNU सहित सैकड़ों संस्थाओं को झटका, अब नहीं ले सकेंगे विदेशी चंदा

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Thursday, September 14, 2017-12:41 PM

नई दिल्लीः केन्द्र सरकार ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू), दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू), आईआईटी-दिल्ली और इंडियन काउंसिल ऑफ एग्रिकल्चर रिसर्च (आईसीएआर) समेत सैकड़ों संस्थानों को विदेशी वित्तीय मदद लेने पर रोक लगा दी है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने उन सभी संस्थानों का फॉरेन कंट्रिब्यूशन रेगुलेशन एक्ट 2010 (एफसीआरए) के तहत मिला लाइसेंस रद्द कर दिया है।

कथित तौर पर इन सभी संस्थानों  ने पिछले पांच सालों का सालाना इनकम टैक्स रिटर्न नहीं जमा किया है। जो संस्थान या संगठन एफ.सी.आर.ए. के तहत पंजीकृत नहीं है वो विदेशी संस्थानों या व्यक्तिों से चंदा नहीं ले सकते। विदेशी चंदा लेने वाले संस्थानों को हर साल अपने चंदे और खर्च का ब्योरा सरकार को देना होता है। किसी शैक्षणिक संस्थान को विदेश में रहने वाले अपने किसी पूर्व छात्र से भी चंदा लेने के लिए एफ.सी.आर.ए. संख्या की जरूरत होती है।

इन संसथाओं का लाइसेंस हुआ रद्द
एफ.सी.आर.ए. लाइसेंस जिन संस्थाओं का रद्द हुआ है उनमें सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन, इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर), इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी (इग्नू), पंजाब विश्वविद्यालय, गार्गी कॉलेज, दिल्ली, लेडी इर्विन कॉलेज, दिल्ली, एस्कॉर्ट हार्ट इंस्टिट्यटू एंड रिसर्च सेंटर, गांधी पीस फाउंडेशन, नेहरू युवा केंद्र संगठन, आर्म्ड फोर्सेज फ्लैग डे फंड, स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर, दिल्ली, फिक्की सोशियो इकोनॉमिक डेवलपमेंट फाउंडेशन, दून स्कूल ओल्ड ब्वॉयज एसोसिएशन, श्री गुरु तेग बहादुर खालसा कॉलेज, दिल्ली, डॉक्टर जाकिर हुसैन मेमोरियल ट्रस्ट, डॉक्टर राम मनोहर लोहिया इंटरनेशनल ट्रस्ट, महात्मा गांधी चैरिटेबल ट्रस्ट, गुजरात, श्री सत्य साई ट्रस्ट इत्यादि शामिल हैं।

संस्थानों ने पांच सालों से नहीं भरा इनकम टैक्स
गृह मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार ये सभी संस्थान पिछले पांच सालों से इनकम टैक्स रिटर्न नहीं भर रहे हैं। इन सभी को मंत्रालय की तरफ से कई बार नोटिस भी भेजी गई लेकिन संस्थानों ने उसकी अनदेखी कर दी। 
 

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