PM मोदी शेर तो जनता सवाशेर

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Friday, November 18, 2016-5:53 PM

नेशनल डेस्क: काला धन रखने वालों पर जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का डंडा चला तो उनके रातों की नींद उड़ गई। 8 नंवबर की रात को पीएम मोदी ने राष्ट्र के नाम संदेश दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि आज रात से 500 और 100 के नए नोट चलन से बाहर हो रहे हैं। पीएम की इस घोषणा के बाद जिन्होंने घर में पैसा जमा करके रखा था, उनके होश उड़ गए कि अब तो ये सब कागज के टुकड़े ही रह गए हैं।

भले ही ब्लैक मनी पर मोदी ने सख्ती से कदम उठाया हो लेकिन जनता भी सवा शेर है क्योंकि उन्होंने अपने काले धन को सफेद कैसे करना है इसके एक नहीं बल्कि कई तरीके ढूंढ निकाले। लोगों ने मोदी की हर चोट का तोड़ भी बाखूबी ढूंढा और काफी हद तक अपने पैसे पर टैक्स लगने से बचा लिया। पुराने नोटों को खपाने के लिए लोग अनूठे तरीके अपना रहे हैं।

आइए आपको बताते हैं कहां मोदी बने शेर और जनता सवाशेर

सोना
पीएम की घोषणा के बाद लोग रातों रात ज्वैलरी की दुकानों की ओर दौड़ पड़े और लाखों के हिसाब से गहने खरीदे। पांच-दस और 20 लाख रुपये वाले तो शोरूम पर जाकर सोना खरीद रहे हैं, लेकिन लाखों-करोड़ों रुपये में सोना खरीदने वाले सर्राफा वालों संग शर्ते तय कर खरीदारी कर रहे हैं। ऐसे लोगों को दुकान आने तक की जहमत नहीं उठानी पड़ रही है। लेकिन इस पर सरकार की नजर भी है। जब ये खबर चर्चा में आई तो केंद्र सरकार ने आयकर विभाग को सक्रिय कर दिया। पैन कार्ड के इस्‍तेमाल में कोई भी समझौता न करने की बात कही है। कई जगह आयकर विभाग ने छापा भी मारा और कई शोरूम को सील भी कर दिया।

रेलवे टिकट काऊंटर
500 और 1000 रुपए के नोट रेलवे स्टेशनों पर मान्य होने के कारण रेलवे स्टेशन के टिकट काऊंटरों पर भारी भीड़ देखने को मिली जिस कारण स्टेशन के रिजर्वेशन केंद्र और बुकिंग ऑफिस में कैश की संख्या बढ़ गई। लोग 15 दिन से 20 बाद की लम्‍बी दूरी की टिकटें बुक कराने लगे। उन्‍हें इस बात से कोई मतलब नहीं था कि टिकट वेटिंग की है या कन्‍फर्म। क्‍योंकि उन्‍हें यात्रा तो करनी नहीं है। जब बाजार में नोट का मामला ठीक हो जाएगा तो बुक कराई गई टिकटों को कैंसिल कराकर नए नोट हासिल कर लेंगे। लेकिन यहां भी सरकार ने चाबुक चला दिया और 10 हजार से अधिक के रिफांड को चेक द्वारा देने की शर्त लगा दी है। वहीं इसी तरह से एयर लाइंस में भी करोड़ों रुपए की एडवांस टिकट बुक कराई गई हैं।

रोडवेज और बिजली विभाग
ब्‍लैक मनी को व्‍हाइट करने और सौ रुपए का नोट पाने की जुगाड़ में भला सरकारी विभागों के अधिकारी पीछे कैसे रहते। बात अगर रोडवेज और बिजली विभाग की करें तो कहा जा रहा है कि बड़े अधिकारियों ने मौखिक आदेश जारी कर दिया है कि जनता की ओर से आने वाले छोटे नोट बैंक में कतई जमा नहीं कराएं। बस में यात्रा के दौरान यात्री कंडक्‍टर से टिकट खरीदते हैं, उसे किराए के रुपए भी देते हैं। इसी रकम को कंडक्‍टर शाम या रात को डिपो में जाकर जमा कराता है। कुछ इसी तरह का हाल बिजली विभाग का भी है।

पैट्रोल पंप
काला धन रखने वाले कुछ लोगों ने पैट्रोल पम्‍प को भी ब्‍लैक से व्‍हाइट करने का एक जरिया बना लिया है। जिनके पास तो थोड़े पैसे जमा ते उनहोंने अपने घर खड़ी सभी गाड़ियों का टैंकियां फुल करा ली तो वहीं कुछ पैट्रोल पम्‍प संचालकों ने इसी का फायदा उठाते हुए 10 से 15 प्रतिशत के कमीशन पर 500 और 1000 रुपए के नोट को सौ-सौ के नोट में बदलना शुरू कर दिया है। हालांकि सरकार ने बीते गुरुवार को देर शाम घोषणा की कि लोग पेट्रोल पंप से भी अब पैसों को निकलवा सकेंगे। पंप पर डैबिट और क्रैडिट कार्ड द्वारा 2000 रुपए कैश निकाला जा सकता है।

हवाला के जरिये
आपने हवाला के जरिये लेन-देन के बारे में सुना होगा यदि नहीं सुना तो हम आपको सरल शब्दों बता देते हैं। मान लो किसी राजनेता या सरकारी अधिकारी के पास नकद 25 लाख रुपए हैं। चूंकि यह काला धन है, वह बैंक में ही जमा नहीं कर सकते हैं। तो, वह एक हवाला एजेंट को दिखाता है। हवाला ऑपरेटर नकदी आपसे बैंगलोर में लेता है और वो अपने पाटर्नर जो विदेश में है विदेशी मुद्रा में ले लेता है और भारत में वो निवेश के तौर पर या शेयर के तौर पर लौटा देता है इस तरीके से आपका काला धन सफ़ेद हो जाता। 500 और 1000 के नोटों के बंद होने के बाद हवाला एजेंट काफी सक्रिय हो गए हैं। हालांकि पुलिस और आयकर विभाग की इन पर भी कड़ी नजर है और इसी मामले में पुलिस ने 2 लोगों को गिरफ्तार भी किया है।

एडवांस सैलरी के नाम पर मनी एक्सचेंज
कुछ फैक्‍ट्री मालिकों और बड़े व्‍यापारियों ने अपने स्‍टॉफ को एडवांस सैलरी देना शुरू कर दी है। स्‍टॉफ को बुला-बुलाकर सैलरी दी जा रही है। इतना ही नहीं जिस व्‍यापारी या फैक्‍ट्री मालिक का जहां से उधार माल आता है उसकी तय वक्‍त से पहले उधारी चुकाना शुरू कर दिया है। हालांकि साथ में ये साफ कर दिया कि अगली सैलरी से उनके पैसे काट लिए जाएंगे। कई तो अपने वर्कर को बार-बार बैंक में रुपए एक्चेंज करने लिए भेज रहे थे। इसका भी सरकार ने तोड़ निकाला कि बैंक में आने वाले लोगों की उंगली पर स्याही लगेगी, इससे भीड़ तो कम हुई है पूरी तरह से नहीं।

लाइन में लगा पूरा परिवार
पैसा बदलवाने के एक परिवार के सारे मैंबर लाइन में खड़े हैं ताकि उनकी ब्लैक मनी सफेद हो जाए लेकिन सरकार यहां भी चलाक निकली उसने शादी के लिए ढाई लाख की रकम तो निर्धारित कर दी साथ में ये भी कह दिया कि परिवार का कोई एक मैंबर ही ये पैसे बैंक से बदलवा सकता है, प्रूफ के साथ।

दोस्तों और रिश्तेदारों के आकाउंट में डलवाए पैसे
कई लोग तो अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के अकाउंट में पैसे जमा करवा रहे हैं। कहीं 1 लाख तो कहीं 2 लाख। हालांकि ढाई लाख बैंक में जमा करवाने पर ब्याज लगेगा लेकिन अब जिन लोगों के अकाउंट में कभी ज्यादा ट्रांसएक्शन नहीं हुई और उनके अकाउंट में एक दिन में 60 से 1 लाख जमा हो रहे है आयकर विभाग उन पर भी नजर बनाए हुए है। इन लोगों से भी पूछताछ की तैयारी की जा रही है।


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