रेलवे में चल रहे लाखों के गोरखधंधे में सीनियर डी.सी.एम. के आदेशों को ठेंगा, जारी हैं वसूली

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Tuesday, November 15, 2016-8:01 AM

चंडीगढ़ (लल्लन): रेलवे के पार्सल विभाग में रेलवे कर्मी बनकर काम कर रहे गैंग पर उच्च अधिकारियों के आदेशों का कोई असर पड़ता नहीं दिख रहा। ‘पंजाब केसरी’ द्वारा उक्त गोरखधंधे का पर्दाफाश करने के बाद सीनियर डी.सी.एम. ने आदेश जारी कर बाहरी लोगों के पार्सल विंग में प्रवेश पर रोक लगाने को कहा था और जांच के लिए कमेटी भी बनाने की बात कही थी। ‘पंजाब केसरी’ टीम ने अवैध रूप से चल रहे धंधे का सोमवार को रियलिटी चैक किया जो चौंकाने वाला था। सारा धंधा उसी प्रकार चल रहा था, जैसे पहले से चलता आ रहा है। गैंग के वही लोग पार्सल विंग की कमान संभाले हुए थे और यात्रियों के पार्सल की एवज में गैर-कानूनी वसूली हो रही थी वह भी रेलवे की फीस बताकर। सीनियर डी.सी.एम. ने रविवार को आदेश जारी किए थे कि अवैध रूप से कार्य कर रहे कर्मचारियों को पार्सल विभाग से बाहर किया जाए लेकिन पार्सल विभाग के सी.पी.एस. व आर.पी.एफ. की ओर से कोई कारवाई नहीं की गई। 

 

सोमवार को भी अवैध रूप से कार्य कर रहे कर्मचारियों ने पार्सल कोच में समान को उतारा व चढ़ाया। जांच करने पर पता चला कि इस गोरखधंधे के पीछे पास लगते दड़वा के कुछ दबंगों का हाथ है, जिनकी रेलवे पुलिस व रेलवे अधिकारियों से पूरी सांठ-गांठ है, यही नहीं अगर उनकी मानमानी में कोई टांग अड़ाता है तो उसकी खैर नहीं। तफ्तीश की तो सामने आया कि जो लोग पार्सल विंग में काम कर रहे हैं वह तो मात्र मोहरे हैं, जिन्हें दिहाड़ी पर रखा गया है, जबकि गैंग चलाने वाले परदे के पीछे से खेल खेल रहे हैं। रेलवे अधिकारी अवैध हिस्सेदारी के बोझ तले दबे होने या फिर दबंगइयों के डर से कार्रवाई नहीं कर पा रहे न ही रेलवे स्टेशन की सुरक्षा की हामी भरने वाली आर.पी.एफ. कोई कदम उठा रही है, मतलब साफ है घूसखोरी। आर.पी.एफ. को जब रियलिटी चैक का पता चला तो सारा स्टाफ उन्हें इस मामले से दूर रखने की गुहार लगाता दिखा। 

 

किसने करवाई गैंग की एंट्री 
रेलवे स्टेशन के पार्सल विभाग की पूरी जिम्मेदारी सी.पी.एस. की होती है। उन्हें सब कुछ मालूम होता है कि कौन-कौन व्यक्ति क्या कार्य कर रहे हैं, ऐसे में सी.पी.एस. को ये भी मालूम होता है कि रेलवे स्टेशन पर अवैध रूप से कितने लोग कार्य कर रहे हैं। बावजूद इसके सी.पी.एस. की ओर से अभी तक कारवाई नहीं की गई और ना ही सी.पी.एस. की ओर से आर.पी.एफ. को कोई शिकायत की गई है, जोकि संदेह पैदा कर रहा है।  

 

मनाही के बाद भी कर रहे काम  
सीनियर डी.सी.एम. प्रवीना गौड़ द्विवेदी की ओर से रविवार को स्टेशन अधीक्षक व पार्सल विभाग के सी.पी.एस. व आर.पी.एफ. को संदेश दिया गया कि विभाग में जीतने अवैध रूप से कार्य कर रहे हैं, उन पर कारवाई की जाए, इसके बाद भी सी.पी.एस. की देख-रेख में प्लेटफार्म नंबर-4 पर कोचीवल्ली से आने वाली ट्रेन में जो पार्सल आए उसे अवैध रूप से रेलवे स्टेशन पर कार्य कर रहे लोगों ने ही उतारा। जिनकी तस्वीरें सी.सी.टी.वी. कैमरे में कैद हैं।

 

यह कैसी दादागिरी 
अवैध रूप से कार्य कर रहे लोगों की दादागिरी इतनी है कि पार्सल कोच को बिना किसी सरकारी व्यक्ति की उपस्थिति के ही खोल दिया जाता है, ऐसे में कोई सामान गुम हो जाए तो जिम्मेदार कौन होगा? यही नहीं रेलवे स्टेशन के पार्सल विभाग के पास ही लगे पार्सल कोच से ही अवैध रूप से कार्य कर रहे लोगों ने सामान निकाला, जहां मौजूद रेलवे अधिकारियों ने कोई आपत्ति नहीं जताई। 


विभाग ने जांच के आदेश दे दिए हैं और आर.पी.एफ. को भी बोल दिया है कि जो लोग पार्सल विभाग में अवैध रूप से कार्य कर रहे हैं, उनको पकड़कर चालान करें। इसके साथ ही यात्रियों से भी अनुरोध है कि किसी को कोई पैसे देने की कोशिश ना करें। यदि उसके काम में ढिलाई हो रही है तो उच्चाधिकारियों से शिकायत करें।-दिनेश कुमार, डी.आर.एम., अंबाला मंडल।

 

अधिकारियों के आदेशों के बाद आर.पी.एफ. की ओर से अवैध रूप से कार्य कर रहे लोगों को ढूंढा जा रहा है और जो लोग इस धंधे में संलिप्त मिले उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। -जी.एस. वडै़च, थाना प्रभारी, आर.पी.एफ. चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन। 


 


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