'30 लाख रुपये से अधिक रजिस्ट्रेशन मूल्य वाली संपत्तियों की जांच कर रहा है 'आयकर विभाग'

  • '30 लाख रुपये से अधिक रजिस्ट्रेशन मूल्य वाली संपत्तियों की जांच कर रहा है 'आयकर विभाग'
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Tuesday, November 14, 2017-11:31 PM


नई दिल्लीः  बेनामी संपत्ति रखने वालों पर चाबुक चलाने के लिए सरकार ने कमर कस ली है। एेसे में अब अायकर विभाग बेनाम संपत्ति ऐक्ट के तहत 30 लाख रुपए से अधिक के प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन का टैक्स प्रोफाइल मिलाने में जुटा है। सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज ( सीबीडीटी) चेयरमैन सुशील चंद्रा ने कहा कि टैक्सकर्मी उन शेल कंपनियों और उनके डायरेक्टर्स की भी जांच कर रहे हैं जिन पर हाल ही में रोक लगा दी गई है।

सीबीडीटी चीफ सुशील चंद्रा नई दिल्ली प्रगति मैदान में शुरू हुए इंडिया इंटरनैशनल ट्रेड फेयर (आईआईटीएफ) में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के पविलियन का उद्घाटन करने के बाद मीडियाकर्मियों से बात कर रहे थे। चंद्रा ने कहा कि बेनामी संपत्ति केसों की बहुत गंभीरता से जांच की जा रही है और टैक्स अधिकारियों ने इस मोर्चे पर काफी काम किया है। 

आईटी डिपार्टमेंट के चीफ ने कहा कि बेनामी संपत्ति लेनदेन ऐक्ट के तहत अभी तक 621 प्रॉपर्टीज, जिनमें कुछ बैंक अकाउंट्स भी शामिल हैं, को अटैच किया है। ये मामले 1,800 करोड़ रुपए से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा, 'हम कालेधन को सफेद में बदलने के सभी साधनों को ध्वस्त कर देंगे। इसमें शेल कंपनियां भी शामिल हैं। डिपार्टमेंट उन सभी प्रॉपर्टीज की टैक्स प्रोफाइल की जांच कर रहा है जिनकी रजिस्ट्री वैल्यू 30 लाख से अधिक है। एेसे में अगर ये प्रोफाइल संदेहास्पद या गलत पाई गईं तो  स्वामित्व रखने वाले लोगों पर कार्रवाई की जाएगी' 

उन्होंने कहा, 'हमने देशभर में 24 यूनिट खोले हैं। हमें अलग-अलग स्रोतों से जानकारी मिल रही है। हम इस दिशा में अपने प्रयास को तेज कर रहे हैं।' चंद्रा ने कहा कि टैक्सकर्मी हाल ही में बैन की गई शेल कंपनियों की डेटा भी मिला रहे हैं। यदि इन कंपनियों के पास कोई बेनामी संपत्ति है या कोई वित्तीय लेनदेन जिसका मिलान नहीं होता तो ऐक्शन लिया जाएगा। 
 

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