चार साल में पकड़े डेढ़ अरब से अधिक मूल्य के जाली नोट: जेतली

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Friday, November 18, 2016-3:05 PM

नई दिल्ली: देश में जाली नोटों को प्रचलन किस चुनौतीपूर्ण स्तर पर है इसका अनुमान इसी से लागया जा सकता है कि वर्ष 2013 से इस वर्ष अक्टूबर तक एक अरब 55 करोड 11 लाख से ज्यादा मूल्य के जाली नोट पकड़े गए।  वित्तमंत्री अरुण जेतली ने लोकसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में कहा कि राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरों के अनुसार इस साल महज 27 करोड 79 लाख 39 हजार 965 मूल्य ने जाली नोट पकड़े गए जबकि पिछले चार साल में सर्वाधिक करीब 44 करोड़ रुपए मूल्य के जाली नोट पकड़े गए। वर्ष 2014 में पहले साल में 42 करोड रुपए की तुलना में 49 करोड़ रुपए की जाली मुद्रा बरामद की गई।  
 

उन्होंने बताया कि जाली मुद्रा के इस्तेमाल से देश जासूसी, हथियारों, नशीली दवाओं और अन्य वर्जित पदार्थो की तस्करी जैसी विध्वसंक गतिविधियां हो रही है।  देश में जाली करेंसी नोटों के परिचालन के खतरे को रोकने की ²ष्टि से राज्य/केंद्र की विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच जानकारी साझा करने के लिए गृह मंत्रालय में एक विशेष समन्वय समूह गठित किया है। आतंकवादी वित्तपोषण तथा संबंधित गतिविधियों को रोकने के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी के अंतर्गत एक आतंकवादी वित्तपोषण तथा जाली करेंसी प्रकोष्ठ स्थापित किया गया है।

हाल ही के घटनाक्रम में जाली नोटो की प्राप्तियों के जरिए आतंकवादी वित्तपोषण को नियंत्रित करने के लिए तथा काले धन को समाप्त करने के लिए सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी किए गए 500 रूपए तथा 1000 रुपए के उच्च मूल्यवर्ग के बैंक नोटों के वैध मुद्रा स्वरूप को निरस्त करने का निर्णय लिया है।  इसके अतिरिक्त, जालसाजों से बचने के लिए बैंक नोटों में नई सुरक्षा विशेषताएं एवं नए डिजाइन शामिल करने की सतत प्रक्रिया जारी है। इस प्रयोजन के लिए, 500 रुपए तथा 2000 रुपए के नए बैंक नोट, नए डिजाइन में हाल ही में जारी किए गए हैं।  
 


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