सिमी आतंकियों की कब्र पर लिखा 'शहीद'', पुलिस अभी तक अनजान

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Thursday, November 24, 2016-5:14 PM

नई दिल्ली: मध्यप्रदेश के भोपाल एनकाउंटर में मारे गए सभी सिमी आतंकियों को 'शहीद' का दर्जा दिया गया है। हालांकि अब तक ये पता नहीं चल पाया है कि इनके कब्र पे 'शहीद' का शिलालेख किसने लगाया है, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर से नए विवादों को जन्म दे दिया है। 

कब्र पर शिलालेख लगाकर आतंकियों को शहीद' बता दिया गया
जानकारी के मुताबिक, एनकाउंटर में मारे गए इन सिमी आतंकियों को 1 नवंबर की रात 11 बजे खंडवा के कब्रिस्तान में दफनाया गया था। बाद में कुछ लोगों ने उनकी कब्र पर शिलालेख लगाकर उन्हें 'शहीद' बता दिया।  शिलालेख के एक हिस्से में आयत तो दूसरे हिस्से में शहादत का जिक्र है। इसके साथ ही कब्र के चारों ओर सीमेंट ईंट आदि भी लगा दी गई है. यहां पिछले कई दिनों से निर्माण कार्य चल रहा है। पांचों सिमी कार्यकर्ताओं की कब्र आसपास ही हैं।

पुलिस ने शहादत शब्दों पर रंग पोतकर उन्हें मिटाया
खंडवा के पुलिस अधीक्षक महेंद्र सिंह सिकरवार ने आज कहा, ‘‘हमने इस बात को मुस्लिम समुदाय के बुजुर्ग लोगों के साथ उठाया और उन्होंने ही कब्रों की शिलाआें पर लिखे शहादत शब्दों पर रंग पोतकर उन्हें मिटाया।’’  सूत्रों ने बताया कि भोपाल मुठभेड़ में मारे गए पांच सिमी सदस्यों की कब्रों पर लगाई गई शिलाआें पर उर्दू एवं हिन्दी में लिखे इस्लामिक शहादत के शदों के साथ-साथ कुछ अन्य शब्दों को कल रात मिटा दिया गया है।  जिन पांच सिमी सदस्यों की कब्रों के शिलालेखों से इनको महिमामंडित करने के शब्दों को मिटाया गया है, उनके नाम अमजद खान, जाकिर हुसैन, मोहम्मद सलीक, शेख महबूब एवं अकील खिलजी हैं। 

हत्या कर फरार हो गए थे सिमी के आंतकी
 ये पांचों सिमी आतंकी उन आठ सिमी विचाराधीन कैदियों में शामिल थे, जिन्होंने 30,31 अक्तूबर की रात को उच्च सुरक्षा वाली भोपाल केंद्रीय जेल से कथित रुप से एक सुरक्षा गार्ड की हत्या कर फरार हो गए थे। बाद में पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में 31 अक्तूबर को ये आठों सिमी सदस्य भोपाल के बाहरी इलाके में मारे गए थे। इनमें से पांच खंडवा के रहने वाले थे। 


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