पुलिस के लिए मुसीबत बनी मोहाली गैंगवार, बड़े नेताओं के साथ जुड़े हैं आरोपी, अफसरों ने भी दिए अलग-अलग बयान

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Sunday, November 13, 2016-10:06 AM

मोहाली (राणा) : फेज-8 बस स्टैंड के सामने हुई दो गुटों में गैंगवार के मुख्य आरोपियों को पकडऩे में पुलिस अभी तक नाकाम साबित हो रही है। पुलिस सिर्फ इसे मामले में छोटी मछलियों को पकड़कर वाहवाही लूटने में लगी हुई है, और जिन्होंने इस वारदात को अंजाम दने में मुख्य भुमिका निभाई है वह अब भी खुलेआम घूम रहे हैं क्योंकि उनके सिर बड़े राजनीतिज्ञों का हाथ बताया जा रहा है जोकि  वर्ष 2017 में पंजाब विधानसभा चुनावों के चलते है नहीं चाहते कि उनकी पार्टी की यूथ बिग्रेड पर कोई आंच आए यही वजह है कि नेता वारदात में शामिल अपने-अपने लोगों को बचाने में जुटे हुए है, पुलिस ने इस केस में अभी तक कुल 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया था वह सभी पुलिस रिमांड के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिए गए हैं। उनसे पुलिस रिमांड में कोई ठोस सबूत नहीं हासिल कर पाई है। 

 

डी.एस.पी. व एस.एच.ओ. के ब्यान में मतभेद
जानकारी के अनुसार जब गत रविवार को गैंगवार हुई तो पुलिस विभाग की ओर से पहले तो एरिया डी.एस.पी. व एस.एच.ओ. का तबादला कर दिया गया। इस वारदात की शुरूआत फेज-8 बस स्टैंड से हुई थी और बस स्टैंड के अंदर से एक गैंग के मुख्य लीडर की फॉर्च्यूनर वहां से घूमी थी। लेकिन पहले वाले एरिया डी.एस.पी. व एस.एच.ओ. दोनों में से किसी ने भी बस स्टैंड  पर लगे सी.सी.टी.वी. कैमरों की फुटेज लेने की जहमत नहीं उठाई, और अब उसके बाद जो डी.एस.पी. व एस.एच.ओ. ने पदभार संभाला है। 

 

उन दोनों के ब्यानों में भी मतभेद आ रहा है। एक तरफ तो डी.एस.पी. गगनदीप सिंह भुल्लर का कहना है कि उन्होने बस स्टैंड की सी.सी.टी.वी. देख ली है उसमें किसी भी आरोपी को कोई सुराग नहीं लग पाया है। वहीं एस.एच.ओ. बलजिंद्र सिंह का कहना है कि जल्द ही सी.सी.टी.वी.फुटेज को कब्जे में लेकर चैक किया जाएगा। हैरानी की बात है कि दोनों अधिकारियों की बातों में इतना मतभेद है तो इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि पुलिस मुख्य आरोपियों को पकडऩे में कितनी गंभीरता से काम कर रही होगी। 

 

मीत की भूमिका भी आई सामने : डी.एस.पी.
डी.एस.पी. गगनदीप सिंह भुल्लर ने ने बताया कि अमित शर्मा उर्फ मीत का नाम एफ.आई.आर. में शामिल नहीं है। लेकिन जांच में उसका नाम सामने आया है उसकी भी तालाश की जा रही है। पुलिस की कई टीमें उन्हें खोजने में लगाई हुई हंै। वहीं सूत्रों से पता चला है कि पुलिस पर भी राजनीति हैवी होती हुई नजर आ रही है इसलिए एफ.आई.आर. में दर्ज सुरजीत, सोनू शाह के नाम दर्ज होने के बाद भी पुलिस उनका कोई सुराग नहीं जुटा पाई है। 
 


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