थलसेना और वायुसेना के नए प्रमुखों की नियुक्ति पर रहस्य बरकरार

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Tuesday, December 13, 2016-11:42 PM

नई दिल्ली: भारतीय थलसेना और भारतीय वायुसेना के मौजूदा प्रमुखों की सेवानिवृति में महज तीन हफ्ते का वक्त रह गया है, एेसे में दोनों सैन्य बलों के नए प्रमुखों की नियुक्ति पर रहस्य बरकरार है। मौजूदा थलसेना प्रमुख जनरल दलबीर सिंह सुहाग और वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अरुप राहा 31 दिसंबर को सेवानिवृत हो रहे हैं और इन दोनों शीर्ष अधिकारियों की जगह कौन लेने वाला, इस पर स्थिति अब तक स्पष्ट नहीं है।
 

नए सेनाध्यक्ष के नाम का एेलान कई हफ्ते पहले कर देने की परंपरा रही है, लेकिन इस बार एेसा नहीं हो रहा।  मौजूदा नौसेनाध्यक्ष का नाम भी एडमिरल रॉबिन धवन की सेवानिवृति से महज 23 दिन पहले घोषित किया गया था। सूत्रों ने बताया कि नए प्रमुखों की नियुक्ति में देरी की एक वजह यह हो सकती है कि संसद का सत्र चल रहा है। इस सत्र का समापन 16 दिसंबर को होगा। 


रक्षा मंत्रालय प्रधानमंत्री कार्यालय को पहले ही फाइल भेजकर दोनों के अध्यक्ष पद के लिए तीन-तीन नामों की सिफारिश कर चुका है। सूत्रों ने बताया कि पूर्वी थलसेना कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल प्रवीण बख्शी, दक्षिणी थलसेना कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल पी एम हरीज और थलसेना के उप-प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल विपिन रावत के नाम की सिफारिश थलसेना प्रमुख पद के लिए की गई है। 


म्यांमार की सीमा के पास उग्रवाद निरोधक अभियान लेफ्टिनेंट जनरल प्रवीण बख्शी के कार्यकाल में ही हुआ था। वह वरिष्ठतम कमांडर हैं। एेसी अटकलें हैं कि सरकार थलसेना प्रमुख की नियुक्ति के वक्त सिर्फ वरिष्ठता को ही ध्यान में नहीं रखेगी, बल्कि कश्मीर और पाकिस्तान के मामलों को संभालने के अनुभव को भी देखेगी।

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