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अब दिल्ली नहीं बल्कि ये राज्य हैं रेप कैपिटल

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Wednesday, January 24, 2018-5:20 PM

नेशनल डेस्क: देश इस सप्ताह 69 वां गणतंत्र दिवस मना रहा है, इस दिन पीएम एक बार फिर बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ नारे को दोहराएंगे। लेकिन हकीकत यह है कि आजादी 69 वर्षों बाद भी देश की आधी आबादी के खिलाफ शोषण की घटनाओं में लगातार इजाफा होता जा रहा है। निर्भया कांड के बाद से दिल्ली पर रेप कैपिटल का दाग लग गया था। लेकिन दुर्भाग्य यह है कि अब उन राज्यों में भी आधी आबादी आज सुरक्षित नहीं है, जहां बीजेपी की सरकार है। कुछ दिन पहले ही दिल्‍ली के पडोसी हरियाणा में 24 घंटे में ही रेप की 5 वारदातों ने पूरे देशभर को झकझोर कर रख दिया था। ऐसा पहली बार नहीं हुआ है, देशभर में अपराध पर नजर रखने वाले राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो के आंकडे बताते हैं कि देशभर में रेप की सबसे ज्यादा घटनाएं मध्यप्रदेश के बाद हरियाणा में हो रही हैं। 

दिल्ली में मामूली कमी 
दिल्ली में हर रोज घट रही रेप की वारदातों में मामूली कमी आई है। एनसीआरबी रिपोर्ट के मुताबिक राजधानी में अब भी रोज कम से कम 5 लड़कियां के साथ बलात्कार की घटनाएं होती हैं। खास बात ये है कि 96 फीसदी घटनाओं को अंजाम देने वाले गुनाहगार रेप पीड़िता के जानकार या करीबी होते हैं। आकड़ों के मुताबिक 2016 में दिल्ली में 2 हजार 64 रेप की वारदातें हुई, जबकि 2017 में 2 हजार 49 लड़कियां इसका शिकार बनीं।

बदनाम होता जा रहा है ​हरियाणा
हरियाणा में पिछले एक हफ्ते में हुई रेप की चार बर्बर घटनाओं ने राज्य के साथ पूरे देश को शर्मसार कर दिया है। हद तो यह हो गई कि  राज्य के एडीजी आरसी मिश्रा का बेहद शर्मनाक बयान तक दे डाला। एडीजी आरसी मिश्रा ने शर्मनाक तरीके से रेप को 'समाज का हिस्सा' बताते हुए कहा था कि इस तरह की घटनाएं अनंतकाल से होती चली आ रही हैं। हैवानियत की पहली घटना कुरुक्षेत्र में हुई। जिसमें 15 साल की एक दलित लड़की के साथ गैंगरेप के बाद उसकी हत्या कर दी गई। इसके साथ ही उस लड़की के शरीर पर भी कई गहरे घाव के भी किए गए थे। एक दूसरी घटना में पानीपत में 11 साल की एक दलित लड़की के साथ गैंगरेप के रूप में सामने आई। उस मासूम की भी दरिंदो ने हत्या कर दी। वहीं पिंजोर में 10 साल की एक अन्य मासूम के साथ 45 साल के एक मजदूर ने रेप किया और उसके नाजुक अंग को क्षत विक्षत किया।

मध्यप्रदेश में सबसे अधिक रेप  
राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो के मुताबिक सबसे अधिक बलात्कार की इस लिस्ट में मध्य प्रदेश सबसे शीर्ष पर है। वर्ष 2017 में महिलाओं के साथ 4,882 रेप की घटनाएं हुई। यही ​सिलसिला 2016 में भी रहा था और सबसे ज्यादा रेप के मामले में मध्य प्रदेश पहले स्थान पर रहा था। पिछले दिनों क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की तरफ से जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार 2017 में देश में 28,947 महिलाओं के साथ बलात्कार की घटनाएं दर्ज की गई। मध्यप्रदेश में सबसे ज्यादा 4,882 महिलाओं के साथ बलात्कार की घटना दर्ज हुई, जबकि इस मामले में उत्तर प्रदेश में 4,816 और महाराष्ट्र में 4,189 की संख्या के साथ देश में दूसरे और तीसरे राज्य के तौर पर दर्ज किए गए। यही नहीं नाबालिग बच्चियों के साथ होने वाली बलात्कार की घटनाओं में भी मध्यप्रदेश देश में शीर्ष स्थान पर रहा। आपको बता दें कि आबादी के लिहाज से मध्यप्रदेश देश में 5वें स्थान पर है। एमपी, हरियाणा, यूपी, महाराष्ट्र में बीजेपी की ही सरकार है।    

फांसी की सजा भी नहीं पैदा कर सकी डर
मध्यप्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य है जहां पर 12 साल से कम उम्र की लड़कियों से रेप के मामले में दोषी पाए जाने पर गुनहगारों को मौत की सजा दी जाएगी। दरअसल, पिछले साल दिसंबर महीने में मध्यप्रदेश सरकार की कैबिनेट में एक प्रस्ताव पास किया गया। जिसके तहत 12 साल से कम उम्र की बच्ची के साथ बलात्कार करने के दोषी को मौत की सजा देने का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही गैंगरेप वाले मामले में सजा और जुर्माना दोनों ही लागू होगा। विधेयक में 12 साल तक की बच्ची से रेप या गैंगरेप के दोषी को फांसी की सजा के प्रावधान के साथ और भी चीजें जोड़ी गई हैं। 

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