बिहार विधानमंडल में उठी नीतीश कुमार और सुशील मोदी के इस्तीफे की मांग

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Wednesday, August 23, 2017-5:12 PM

पटना: भागलपुर जिला में एक स्वयंसेवी संस्था द्वारा 870.88 करोड़ रुपए की सरकारी राशि के गबन मामले पर विपक्षी दल राजद के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के इस्तीफे की मांग को लेकर आज बिहार विधानमंडल में दोनों सदनों में हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही बाधित हुई। सुशील कुमार मोदी ने राजद के आरोपों को खारिज करते हुए उसे अपने उपर ठोस सबूत के आधार पर आरोप लगाने की चुनौती दी। 

नीतीश नहीं हो पाए सदन में मौजूद 
बिहार विधानसभा की आज की कार्यवाही शुरू होने पर पूर्व वित्त मंत्री अब्दुल बारी सिद्दीकी ने इसको लेकर लाए गए अपने कार्यस्थगन प्रस्ताव की आेर सदन के अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी का ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा कि आसन से इस पर सबसे पहले बहस कराने का आग्रह किया पर चौधरी द्वारा सदन नियामवली का हवाला देते हुए उसे उचित समय पर उठाए जाने को कहा। राजद सदस्य ने सदन के बीचोंबीच आकर सरकार विरोधी नारेबाजी शुरू कर दी तथा नीतीश कुमार और सुशील कुमार मोदी के इस्तीफे की मांग करते हुए जिस स्वयंसेवी संस्था द्वारा आयोजित कार्यक्रम में सत्ता पक्ष से जुड़े लोगों के भाग लेने को लेकर तस्वीरें लहराते दिखे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बाढ़ प्रभावित इलाके अररिया के सर्वेक्षण पर जाने के कारण वे उस समय सदन में मौजूद नहीं थे। 

सदन की कार्यवाही 2 बजे तक की स्थगित
बिहार विधानसभा अध्यक्ष द्वारा जब राजद सदस्यों को समझाने और उन्हें सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलने देने का सभी प्रयास विफल साबित होने पर उन्होंने सदन की कार्यवाही 2 बजे भोजनावकाश तक के लिए स्थगित कर दी। राजद कार्यकर्ता जहां सदन के बीच में आकर हंगामा कर रहे थे, वहीं उसकी सहयोगी कांग्रेस के सदस्य अपनी अपनी सीट पर बैठे रहे जबकि भागलपुर निवासी और सदन में इस दल के विधायक दल के नेता सदानंद सिंह ने भी इस गबन को लेकर अलग से एक कार्यस्थगन प्रस्ताव लाया था। सदन के बाहर बिहार विधान परिषद में राजद विधायक दल की नेता राबडी देवी ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि इस गबन मामले की जांच नीतीश और सुशील कुमार मोदी के पद पर बने रहते निष्पक्ष ढंग से नहीं हो सकती, इसलिए पहले उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।
 

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