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दिल्ली कोर्ट ने कहा- सहमति के बिना महिला को छूने का अधिकार नहीं

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Sunday, January 21, 2018-12:20 PM

नई दिल्ली: दिल्ली की एक अदालत ने आज कहा कि महिला की सहमति के बिना कोई उसे छू नहीं सकता। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सीमा मैनी ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि ‘‘ऐय्याश और यौन-विकृति’’ वाले पुरुषों द्वारा उनको परेशान करने का सिलसिला अब भी जारी है। अदालत ने 9 साल की एक बच्ची का यौन उत्पीडऩ करने के मामले में छवि राम नामक व्यक्ति को दोषी ठहराया और उसे पांच साल कैद की सजा सुनाते हुये यह टिप्पणी की। 

महिला को बिना इजाजत के छूना गलत 
उत्तर प्रदेश निवासी छवि राम ने उत्तरी दिल्ली के मुखर्जी नगर इलाके के एक भीड़ भरे बाजार में नाबालिग को अनुचित तरीके से छुआ था। यह घटना 25 सितंबर, 2014 की है। अदालत ने कहा कि महिला का शरीर उसका अपना होता है और उस पर सिर्फ उसी का अधिकार होता है। दूसरों को बिना उसकी इजाजत के इसे छूने की मनाही है भले ही यह किसी भी उद्देश्य के लिये क्यों न हो।

न्यायाधीश ने कहा कि ऐसा लगता है कि महिला की निजता के अधिकार को पुरुष नहीं मानते और वे अपनी हवस को शांत करने के लिये बेबस लड़कियों का यौन उत्पीडऩ करने से पहले सोचते भी नहीं हैं। उन्होंने कहा कि राम एक ‘‘यौन विकृत’’ शख्स है जो किसी भी तरह की रियायत का हकदार नहीं है। अदालत ने उस पर 10 हजार रूपये का जुर्माना भी लगाया जिसमें से पांच हजार रूपये पीड़िता को दिये जायेंगे। इसके अलावा अदालत ने दिल्ली प्रदेश विधिक सेवा प्राधिकरण को भी बच्ची को 50,000 रूपये देने को कहा है। 

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