प्रख्यात गायक बालामुरली का निधन, संगीत प्रेमियों में दौड़ी शोक की लहर

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Tuesday, November 22, 2016-11:04 PM

चेन्नई: पद्म विभूषण से सम्मानित कर्नाटक शैली के प्रख्यात शास्त्रीय गायक मंगलमपल्ली बालामुरली कृष्णा का मंगलवार शाम उनके आवास पर निधन हो गया। वह 86 वर्ष के थे और काफी अर्से से बीमार चल रहे थे।  पारिवारिक सूत्रों ने बताया कि उनकी तबीयत पिछले कुछ दिनोंं से ज्यादा बिगड़ गई थी और आज शाम उन्होने अंतिम सांस ली।


फ्रांस सरकार ने नवाजा था कैवालियर पुरस्कार से
उनके निधन से कर्नाटक के संगीत प्रेमियों में शोक की लहर दौड़ गई है। फ्रांस सरकार ने उन्हें कैवालियर पुरस्कार से सम्मानित किया था। आंध्रप्रदेश के शंकरागुप्तम में जन्मे कृष्णा ने छह वर्ष की उम्र से ही गायन शुरू कर दिया था और पूरे विश्व में 25 हजार से अधिक संगीत कार्यक्रमों में हिस्सा लिया था।


तमिलनाडु के राज्यपाल ने व्यक्त किया शोक
तमिलनाडु के राज्यपाल विद्यासागर राव और मुख्यमंत्री जे जयललिता, तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव, आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू और कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दरामैया ने कर्नाटक शैली के प्रख्यात गायक डॉ. मंगलमपल्ली बालामुरली कृष्णा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। विद्यासागर राव ने अपने शोक संदेश में कहा कि मैं डॉ. बालामुरली कृष्णा के निधन के बारे में सुनकर दुखी और गहरे सदमे में हूं। उनके निधन से भारतीय कर्नाटक शैली संगीत में रिक्त स्थान हो गया है जिसकी भरपाई संभव नहीं है। 


देश-विदेश तक लगा है सदमा: जयललिता
जे जयललिता ने अपने शोक संदेश में कहा कि उनके निधन से न केवल कर्नाटक संगीत जगत बल्कि देश विदेश के संगीतज्ञों, कलाकारों और फिल्म जगत तथा उनके प्रशंसकों को काफी सदमा लगा है। यह मेरे लिए निजी क्षति है। चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि संगीत जगत में उनके योगदान को कभी भी भुलाया नहीं जा सकेगा। चंद्रशेखर राव ने कहा कि कर्नाटक संगीत जगत में श्री कृष्णा ने अपने लिए विशेष स्थान बनाया था।


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