50 प्रतिशत बच्चों की मौत का कारण यह...

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Monday, November 21, 2016-8:39 AM

चंडीगढ़(रवि पाल) : प्राइमरी हैल्थ सैक्शन की मजबूती किसी देश की उन्नति के लिए काफी महत्वपूर्ण है। ग्राऊंड लेवल पर काम तो बहुत किया जा रहा है लेकिन जो रिजल्ट चाहिए, वो नहीं मिल पा रहे हैं। यह कहना पी.जी.आई. एडवांस पैडएट्रिक्स सैंटर की डा. भवनीत भारती का। डा. भारती ने बताया कि 50 प्रतिशत बच्चों की मौत की वजह भूख और कुपोषण है। पैडएट्रिशन फील्ड में जाकर बच्चों में कुपोषण को दूर करने के लिए काफी काम कर रहे हैं लेकिन जो रिपोर्ट की जा रही है, सच्चाई उसके उलट है। डाक्टर्स को कमजोर बच्चों की तरफ ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है ताकि बच्चों को कुपोषण से बचाया जा सके। वहीं, डाक्टरों को ग्राऊंड लेवल पर जाकर चैक करना चाहिए कि किस बच्चे को घर में ट्रीटमैंट दे सकते हैं और किसे अस्पताल में एडमिट करने की जरूरत है। 

 

न्यूट्रीशियन हैल्थ रिहेबिलीटेशन सैंटर्स :         
बच्चों को भूख और कुपोषण से बचाने के लिए भारत में न्यूट्रीशियन हैल्थ रिहेबिलीटेशन सैंटर्स की शुरुआत की गई है लेकिन इनके पास अभी तक कमजोर बच्चों को हैंडल करने के लिए उचित साधन नहीं है। डा. भारती ने बताया कि न्यूट्रीशियन कमजोर बच्चों के लिए जरूरी है। लोगों को लगता है कि न्यूट्रीशियन के लिए उन्हें बच्चों को कुछ अलग खिलाना पड़ेगा लेकिन न्यूट्रीशियस खाना घर पर ही बनाया जा सकता है। पी.जी.आई. के एडवांस पैडएट्रिक विभाग में कमजोर बच्चों के लिए रेडी टू यूज फूड मैलन्यूट्रीशियन की व्यवस्था है जिसमें बच्चों को पोषक तत्वों से भरपूर खाना खिलाया जाता है।

 

ग्राऊंड वर्क पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत :  
स्वास्थ्य प्रणाली में सुधार को लेकर पी.जी.आई. के स्कूल ऑफ पब्लिक हैल्थ की ओर से दूसरी नैशनल वर्कशॉप का आयोजन किया जा रहा है। इसमें 30 से ज्यादा प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इनमें सरकारी अधिकारी, विदेशों से आए प्रतिनिधि और 15 विशषज्ञ भी शामिल थे। स्कूल ऑफ पब्लिक हैल्थ के प्रोफैसर डा. अरुण.के. अग्रवाल ने बताया कि स्वास्थ्य प्रणाली में सुधार के लिए डाक्टरों को ग्राऊंड वर्क पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। 


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