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सीमा पर गोलीबारी पाकिस्तान की चाल

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Monday, January 22, 2018-7:45 PM

नई दिल्ली(रंजीत कुमार):  दावोस में  मंगलवार से शुरु हो रहे विश्व आर्थिक मंच के सम्मेलन के मद्देनजर पाकिस्तान ने जम्मू कश्मीर के इलाकों में तनाव बढ़ाने की कोशिश की है। यहां राजनयिक सूत्रों का आकलन है कि जिस तरह पाकिस्तान ने पुंछ और जम्मू से लगी अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा के सीमांत इलाकों में बसे गांवों पर भारी गोलीबारी की है उसकी मंशा भारत को और उकसाने की है ताकि भारत गुस्से में यदि सीमा पार जाकर हमला करता है तो दावोस सम्मेलन पर उसकी गूंज सुनाई दे।

भारत अपनी छाप छोड़ने की कर रहा कोशिश
दावोस सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अगुवाई में भारत अपनी छाप छोड़ने की भारी कोशिश कर रहा है। इस दौरान यदि भारत पाक सीमा पर गोलाबारी बढ़ने से तनाव में इजाफा होता है तो पाकिस्तान की कोशिश होगी कि वह दक्षिण एशिया को सैन्य तनाव से ग्रस्त इलाके के तौर पर पेश करे जहां अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को जाना खतरे से खाली नहीं लगे।

अपने ऊपर लगे दाग को हटाना चाहता है पाक
उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार लेफ्टिनेंट जनरल जंजुआ ने पिछले महीने ही कहा है कि दक्षिण एशिया परमाणु युद्ध के कगार पर है। पाकिस्तान इस तरह के डरावने माहौल पेश कर अपने उपर आतंकवाद के पोषण के आरोपों से दुनिया का ध्यान हटाने की कोशिश कर रहा है। सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहिद अब्बासी भी विश्व आर्थिक मंच की बैठक में भाग लेने जा रहे हैं जहां वह अपने भाषण में भारत और पाकिस्तान के बीच विवाद और सैन्य  तनाव का मसला उठा सकते हैं।

अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तनाव बढ़ा रहा पाक 
जम्मू और पुंछ जिलों से लगी अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंणत्र रेखा पर पिछले चार दिनों से नागरिक इलाकों पर भारी गोलाबारी कर 12 ग्रामीणो को तो पाकिस्तान ने मारा ही है सैंकड़ों गांवों को उजाडा भी है। भारत में इसकी तीखी प्रतिक्रिया हुई है और गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने तो जवाबी हमले की अप्रत्यक्ष धमकी भी दे दी है।

भारत में पाक के खिलाफ बढ़ रहा गुस्सा 
थलसेना दिवस के मौके पर मीडिया से बात करते हुए थलसेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने कहा था कि भारत जब भी पाकिस्तान के इलाके में सैन्य चौकियों को तहस नहस करता है पाकिस्तान भारत की नागरिक आबादी को निशाना बनाता है। जनरल रावत ने यह भी कहा था कि इसके बाद भारत माहौल को ठंडा होने देता है। सूत्रों ने कहा कि पाकिस्तान ने जनरल रावत के बयान को इस रुप में लिया है कि भारत पर दबाव बनाने के लिये नागरिक आबादी पर हमले किये जाएं। लेकिन अब जब कि पिछले चार दिनों से पाकिस्तान की ओर से खास तौर पर गांवों को ही निशाना बनाया जा रहा है भारतीय टीवी चैनल इन गांवों की त्रासदी ही दिखा रहे हैं जिससे भारत में पाकिस्तान के खिलाफ गुस्सा बढ़ रहा है। सूत्रों ने कहा कि पाकिस्तान यही चाहता है कि दावोस सम्मेलन के दौरान भारत कोई बड़ी जवाबी कार्रवाई करे ताकि पाकिस्तान भी उसी तरह के जवाबी हमले करे और  तब भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव का ध्यान दावोस सम्मेलन में भाग ले रहे राष्ट्रप्रमुखों और कारपोरेट हस्तियों का खींचा जा सके।

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