तस्वीरों में देखिये पेरेंट्स और बच्चों का कूल वॉक

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Wednesday, December 14, 2016-2:23 PM

चंडीगढ़, (रवि पाल): एग्ग फ्रीजिंग, लेजर हैचिंग, आई.एम.एस.आई. और एम्ब्रोस्कोप जैसी तकनीकों का इस्तेमाल निसंतान दंपतियों के लिए वरदान बन रहा है। इंफ्रिटलिटी स्पैशिएलिस्ट्स डा. नंदिता पालशेटकर ने बताया कि इन तकनीकों का इस्तेमाल कर एक महिला किसी भी उम्र में मां बन सकती है। इन तकनीकों के सहारे महिलाओं के एग्ज 8 या 10 वर्षों से ज्यादा समय तक भी सुरक्षित रखे जा सकते हैं। आज की आरामतलब जीवनशैली में भारत में कुल दंपतियों में से करीब 15 प्रतिशत प्राकृतिक तौर पर गर्भधारण में मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। पुरुष इंफ्रिटलिटी भी बढ़ रही है ।इंफ्रिटलिटी स्पैशिएलिस्ट्स डा. पूजा मेहता ने कहा कि गर्भधारण न हो पाने का सबसे प्रमुख कारण वीर्य में एग्ज की संख्या कम होना है। अप्रजनन के कुल मामलों में से 30 प्रतिशत में ये प्रमुख कारण होता है। 

बीते सालों में हमने कई आधुनिक और प्रभावी तकनीकों को भी अपनी इलाज सुविधाओं में जोड़ा हैं जिनमें आई.सी.एस.आई., टी.ई.एस.ए., पी.आई.सी.एस.आई. और आई.एम.एस.आई. शामिल हैं। इनका उपयोग मरीजों को लाभ प्रदान करने में किया जा रहा है और उन्हें सफलतापूर्वक मातृत्व एवं पितृत्व का सुख प्रदान किया जा सकता है। फोर्ट्स ब्लूम आई.वी.एफ. सैंटर ने अपने 7 सफल वर्ष पूरे होने के मौके पर क्लीनिक में अपने इलाज के बाद अपना बच्चा प्राप्त करने वाले कई दंपतियों के साथ अपनी 7वीं वर्षगांठ मनाई। इस मौके पर सैंटर की पूरी मैडीकल टीम भी विशेष तौर पर मौजूद रही। वर्षगांठ उत्सव की विशेषता शानदार फैशन शो रहा, जिसमें सफल इलाज पाने वाले दंपतियों ने अपने बच्चों के साथ रैंप वॉक किया। 

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