बुजुर्गों को नहीं दिया जा रहा उनका हक, पैंशनधारकों ने बयां किया अपना दर्द

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Monday, November 14, 2016-11:09 AM

मोरनी(अनिल) : मोरनी खंड की पंचायत भोज कुदाना के लगभग 12 गांव के पैंशनधारक 10 किलोमीटर का रास्ता पैदल तय कर टिक्कर के डाकघर आने के बाद भी पैंशन न मिलने से मानसिक व आर्थिक परेशानी का सामना कर रहे हैं। गांव कुदाना, दुंदल, ब्याल, बाबड़वाली, बागवाली, मऊ, समलौठा के पेंशनधारकों का आरोप है कि उन्हें समय पर पैंशन नही मिलती। तीन- तीन माह की पैंशन रुकने के बाद केवल एक माह की पैंशन देकर दोबारा आने को कह दिया जाता है। कई बार तो घंटों पैदल चलने के बाद उन्हें ये कहकर लौट दिया जाता है कि उनके नाम ही पैंशन की लिस्ट में नही हैं या यह कह दिया जाता है कि कैश उपलब्ध नहीं है। 

 

उनका आरोप है कि इस वर्ष भी उन्हें अब तक केवल आठ-नौ माह की ही पैंशन मिली हुई है जबकि नवम्बर माह चला हुआ है। पैंशनधारकों में नाथी राम, जानकी देवी, सरदी देवी, सत्या देवी कुछ ऐसे पैंशनधारक भी हैं जिनकी आयु 80 वर्ष या इससे उपर है। वह चलने में भी सक्षम नहीं है। सरकार ने ऐसे पैंशनधारकों को उनके घर पर पैंशन देने के निर्देश दिए हुए हैं लेकिन इसके बावजूद भी पैंशनधारकर पैंशन के लिए तरस रहे हैं। डाकघर व पेंशन विभाग उनका मानसिक व आर्थिक शोषण कर रहा है। 

 

कृष्णा को कई महीने से नहीं मिली पैंशन :
ब्याल गांव के हरि सिंह ने आरोप लगाया कि उसकी माता कृष्णा देवी को कई महीने की पैंशन नही मिलती। जब पैंशन मिलती है तो एक माह की पैंशन देकर बाकी के महीनों की पैंशन न मिलने का कोई ठोस कारण नहीं बताया जाता है।

 

आरोप सही : सरपंच
सरपंच मनफूल शर्मा ने कहा कि पैंशनधारकों के आरोप सही हैं। उन्होंने उनकी समस्या को लेकर मोरनी डाकघर के डाकपाल से मिलकर पैंशनधारकों की लिस्ट दिखाने को कहा लेकिन उन्होंने कहा किउनके पास किसी प्रकार की लिस्ट नहीं है, जबकि टिक्कर डाकघर का पैंशन वितरण करने वाला कर्मचारी अक्सर किसी लिस्ट में पैंशनधारकों के नाम न होने की बात कहता था। पैंशन समय पर न मिलने का भी मोरनी डाकघर के पास कोई ठोस कारण नहीं था। सरपंच ने जिला समाज कल्याण विभाग से भी इस समस्या को लेकर सम्पर्क किया लेकिन समाधान नहीं हुआ। सरपंच ने बताया कि जब टिक्कर के पैंशन वितरण कर्मचारी से उसका मोबाइल नंबर मांगा तो उसका कहना था कि विभाग की ओर से उसे कोई मोबाइल सुविधा नहीं दी गई है और न ही उसके पास अपना मोबाइल है। ऐसे में पैंशनधारकों के सामने ये समस्या है कि वो डाकघर से पैंशन वितरण का समय और दिन कैसे पता करें। पैंशनधारकों ने सरकार व विभाग से मांग की कि उनकी पैंशन समस्या का समाधान किया जाए।


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