वसुंधरा पर राहुल गांधी का तंज-मैडम ये 21वीं शताब्दी है, 1817 नहीं

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Sunday, October 22, 2017-2:28 PM

नई दिल्ली: राजस्थान में किसी भी जज, मजिस्ट्रेट या लोकसेवक के खिलाफ सरकार से मंजूरी लिए बिना किसी तरह की जांच नहीं की जाएगी। राजस्थान सरकार द्वारा लाए गए इस अध्यादेश पर लोग सवाल उठा रहे हैं वहीं कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने भी इस मामले में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे पर निशाना साधा। राहुल ने ट्वीट किया कि 'मैडम चीफ मिनिस्टर, हम 21वीं सदी में रह रहे हैं, यह साल 2017 है, 1817 नहीं।' इस अध्यादेश के अनुसार कोई भी लोकसेवक अपनी ड्यूटी के दौरान लिए गए निर्णय पर जांच के दायरे में नहीं आ सकता है, सिवाय कोड ऑफ क्रिमिनल प्रोसिजर 197 के।  वहीं किसी लोकसेवक के खिलाफ कोई भी एफआईआर दर्ज नहीं करा सकता।

इतना ही नहीं पुलिस भी एफआईआर दर्ज नहीं कर सकती और न ही किसी लोकसेवक के खिलाफ कोई कोर्ट जा सकता है और न हीं जज किसी लेकसेवक के खिलाफ कोई आदेश दे सकता है। अध्यादेश में यह भी कहा गया कि सरकार के स्तर पर सक्षम अधिकारी को 180 दिन के अंदर जांच की इजाजत देनी होगी, अगर ऐसा नहीं किया गया तो इसे स्वीकृत माना जाएगा। अध्यादेश में यह भी कहा गया कि किसी भी जज, मजिस्ट्रेट या लोकसेवक का नाम और पहचान मीडिया तब तक जारी नहीं कर सकता है जब तक सरकार के सक्षम अधिकारी इसकी इजाजत नहीं दें। क्रिमिनल लॉ राजस्थान अमेंडमेंट ऑर्डिनेंस 2017 में साफ तौर पर मीडिया को लिखने पर रोक लगाई गई है।

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