रोजमर्रा की चीजों पर नोटबंदी की मार, बढ़े आटे-दाल के भाव

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Wednesday, November 23, 2016-2:19 PM

चंडीगढ़ : नोटबंदी की मार अब धीरे-धीरे लोगों की जेब पर भी पड़ती दिख रही है। केंद्रीय भंडारों पर भी सिर्फ 24 दिसंबर तक ही पुराने नोट चलेंगे। इसलिए हर कोई अपनी पुरानी करेंसी से इन चीजों को खरीदने के लिए इस्तेमाल कर रहा है। आटा, दाल के अलावा कुछ खाद्य तेलों के भाव में भी इजाफा हुआ है। 
 
बाजार में चने की दाल पर सबकी ज्यादा नजर है, क्योंकि बाजार में दाल की कीमत 140 रुपए किलो है, वो यहां सब्सिडी पर 88 रुपए किलो मिल जाती है। इसलिए 8 नवंबर से पहले रोज सौ किलो बिकने वाली चने की दाल इन दिनों रोजाना 300 किलो बिक रही है। जिस वजह से इसका असर दामों पर भी दिख रहा है। खाद्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक 8 नवंबर से 21 नवंबर के बीच देश के कई शहरों में चने की दाल महंगी हो गई है। 
 
चंडीगढ़, इलाहाबाद और आगरा में इसकी कीमत 10 रुपये बढ़ गई है। खाद्य मंत्रालय के पास मौजूद आंकड़ों के मुताबिक 8 नवंबर से 21 नवंबर के बीच देश के 20 शहरों में चना दाल की कीमत 5 रुपये या उससे ज्यादा बढ़े हैं। 
 
बता दें कि इसके पहले तक 21-22 रुपए किलो के भाव से बिकने वाला आटा अब 28-29 रुपए किलो में बेचा जा रहा है। केंद्रीय भंडार में अक्टूबर माह में 220 रुपए में 10 किलो के आटे के पैकेट की कीमत 280 रुपए तक हो गई है। 


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