सलाम! इस दंपति ने बदल दी सैंकड़ो बच्चों की जिंदगी

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Monday, September 04, 2017-5:38 PM

दौसा: राजस्थान के दौसा जिले की एक शिक्षक दंपति पिछले छह सालों से गरीब छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की नि:शुल्क तैयारी करवाकर उनके नौकरी पाने के सपनों में रंग भर रहे है। यह संभवतया राजस्थान का ऐसा पहला युगल होगा जो निजी खर्चे पर युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करवाकर उन्हें सरकारी क्षेत्र में रोजगार के मौके मुहैया करवा रहा है। बेरोजगार युवक-युवती उन्हें ‘भाईसा’ और ‘दीदी’ कहकर संबोधित करते हैं।

प्रदेश की राजधानी से 55 किलोमीटर दूर यह कोशिश पिछले छह सालों से जारी है। सारे पढ़ाए छात्र कामयाब राज्य के अनुसूचित जाति और जनजाति बाहुल्य क्षेत्रों में दौसा के सरकारी स्कूल में अध्यापक विनोद मीना और अध्यापिका सीमा मीना अपने स्वयं के खर्चे पर गरीब तबके के युवक-युवतियों को नि:शुल्क गाइडेंस क्लासेज के जरिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करवा रहे हैं। अच्छी बात यह है उनके द्वारा प्रशिक्षित करीब 100 से ज्यादा युवक-युवतियों का पुलिस, एसएससी, बैंक, रेलवे, सेना और विभिन्न लोक सेवा आयोगों में चयनित भी हो चुके हैं।

मीना दंपति युवाओं को न केवल प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता पाने के गुर सिखा रहे हैं बल्कि व्यक्तित्व विकास का भी काम कर रहे हैं। इसलिए ये दंपति छात्राों को पढ़ाता है फ्री अलवर जिले के रैणी तहसील के निवासी विनोद बताते हैं कि हम खुद उस तबके से आते हैं जहां पैसों के अभाव में हर सफलता के लिए संघर्ष करना पड़ता है। ग्रामीण क्षेत्रों में जैसे-तैसे बी.ए. पास तो हो जाते हैं लेकिन कोङ्क्षचग के महंगे खर्चों के चलते प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी नहीं कर पाते हैं।

हम नहीं चाहते कि प्रतिभाएं पैसों या तैयारी के अभाव में हथियार डाल दे। मैंने और पत्नी सीमा ने ठाना कि हम स्नातक पास कर आए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं में से कुछ छात्रों का चयन कर उन्हें अपने खर्चे पर प्रशिक्षित करेंगे। हमारी जिद आज पूरी होती दिखती है जब किसी छात्र का चयन होता है और वो हमारा मुंह मीठा कराने आता है।

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