राज्यसभा में निःशक्त व्यक्ति संशोधन विधेयक 2014 पास

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Wednesday, December 14, 2016-3:46 PM

नई दिल्लीः राज्यसभा में निःशक्त व्यक्ति अधिकार विधेयक 2014 पास हाे गया है। विधेयक का समय दोपहर 2 बजे का था लेकिन विपक्ष की ओर से नेता विपक्ष गुलाम नबी आजाद और बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने कहा कि सारे काम बाद में होंगे पहले हमें यह बिल संसद में पास कर देना चाहिए वो भी बिना बहस के। सरकार की ओर इस पर सहमति जताई गई और कुछ ही मिनटों में साइक्लोन वरदा पर संक्षिप्त चर्चा के बाद इस राज्यसभा में पेश कर दिया गया।

सर्वसम्मति से बिल पारित
गौर करने वाली वाली बात यह थी कि इसमें कई संशोधन भी थे लेकिन इसके बावजूद इसे लेकर कोई असुविधा नहीं हुई। लेकिन इस प्रक्रिया में 12 बज गए और चेयर की तरफ से प्रश्नकाल के चलते इस बिल पर आगे की कार्यवाही 2 बजे से शुरू करने की बात की गई। दोबारा सदन शुरू होने पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावर चंद गहलोत ने संशोधन पेश किए और सर्वसम्मति के साथ इस बिल को पारित कर दिया गया।

कई लोगों को लाभ
बता दें कि निशक्त व्यक्ति अधिकार विधेयक फरवरी 2014 में पेश हुआ था। फिर इसे स्टैंडिंग कमेटी को भेजा गया। इसमें 82 बदलाव सुझाए गए। इसके पास होने की स्थिति में दिव्यांग की 7 श्रेणियों की जगह 21 श्रेणियों को माना जाएगा। कांग्रेस के नेता कर्ण सिंह ने कहा कि ये बिल पास कर हम भारत के करोड़ों लोगों को लाभ पहुंचाएंगे। बीएसपी नेता सतीश मिश्रा ने कहा कि बीएसपी इस बिल का पूर्ण रूप से समर्थन करती है। इन्हें डिसेबल कहना सही नहीं है। इन्हें डिफरेंटली एबल कहा जाना चाहिए। इनको मिले रिजर्वेशन को सरकार ठीक से लागू करे। लोगों को मजबूर होकर कोर्ट न जाना पड़े। 


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