सीमांत गांववासियों को सिर्फ गोलबारी का ही डर नहीं है बल्कि उन्हें यह चिंता भी सता रही है..

  • सीमांत गांववासियों को सिर्फ गोलबारी का ही डर नहीं है बल्कि उन्हें यह चिंता भी सता रही है..
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Saturday, November 19, 2016-12:15 PM

 जम्मू: पाकिस्तान अपनी बौखलाहट को निकालने का कोई मौका नहीं छोड़ रहा है। सीमा पर उसकी गोलीबारी निरंतर जारी है। 29 सितम्बर की सर्जिकल स्ट्राइक से वो इस कदर बौखला गया है कि बार्डर पर बसे गांवों को लगातार निशाना बना रहा है। अब गांववासियों की परेशानियां भी बढ़ गई हैं। उन्हें तीन तरफ से चिंता घेरे हुए हैं। गोलीबारी, चोरी और नोटबंदी। घर नहीं छोड़ते हैं तो गोलीबारी में मारे जाते हैं। घर छोउ़ते हें तो चोरी होने का डर है और घर से बाहर कहीं रहते हैं तो पैसे नहीं हैं क्योंकि पांच सौ और हजार के नोट बंद होने के बाद लोगों की परेशानी और बढ़ गई है।


पलांवाला के कुछ गांववासियों ने पंजाब केसरी से अपना दर्द बांटा। एक अधेड़ उम्र की महिला लगातार रोये जा रही थी। उससे कई बार बात करने की कोशिश की परन्तु वो बात करने तक की स्थिति में भी नहीं थी। तभी 40 वर्ष की निलिमा देवी ने  अपनी पड़ोसन का दर्द बांटते हुए बताया कि अपने घर का हाल जानने आज जब हम सब लोग वापिस गांव गए तो देखा कि घर से सारे सोने के आभूषण चोरी हो चुके थे। यहां तक कि बुरे समय के लिए बचाकर रखे हुए पैसे भी चोरी हो चुके थे। अब हालत यह है कि पांच सौ और हजार की नोटबंदी के कारण पास में कुछ भी नहीं बचा है। गांव गिगरियाल की रहने वाली वीना देवी उस समय को कोस कर लगातार रो रही थी, जब वो घर छोडक़र आई थी। परन्तु उसका यह भी कहना है कि अगर घर नहीं छोड़ते तो गोलीबारी में मारे जाते। लोगों ने अखनूर के खोड़ गांव में स्थित राधा स्वामी आश्रम में  ठहरे गांववासियों का कहना है कि खाना तो मिल रहा है पर और भी जरूरते होती हैं। नोट बंद हो गए हैं। ऐसे में कुछ समझ में नहीं आ रहा है कि क्या करें। ऐसा लग रहा है कि तीनों तरफ से मुसिबत ने घेर रखा है।

 

Edited by:Monika Jamwal

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