ऋण वसूली में सुधार के लिए बैंकों के साथ कंपनियों को भी कसा जाए: आचार्य

  • ऋण वसूली में सुधार के लिए बैंकों के साथ कंपनियों को भी कसा जाए: आचार्य
You Are HereNational
Friday, May 19, 2017-9:41 PM

कोलकाता: भारतीय रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर विरल आचार्य ने देश में क्रेडिट डेटा नेटवर्क में मजबूत विश्लेषण विधा पर जोर देते हुए शुक्रवार को कहा कि ऋण वसूली के लिए बैंकों सशक्त करने के साथ कंपनियों को भी कसा जाना चाहिए। आचार्य यहां इंडियन चैंबर आफ कामर्स के बैंकिंग सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि केवल बैंकों को मजबूत बनाने से रिण नहीं सुधरेगा बल्कि इसके लिए कंपनियों को भी कसने की जरूरत है और इस पर ध्यान ध्यान दिए जाने की जरूरत है। आचार्य ने हालांकि कहा कि यह उनकी व्यक्तिगत राय है न कि रिजर्व बैंक की। ऋण उद्योग में डेटा विश्लेषण विधा की वकालत करते हुए उन्होंने कहा कि डेटा का मानकीकरण पहली जरूरत है और वे इस दिशा में रिजर्व बैंक को प्रोत्साहित करने की कोशिश करेंगे। 


विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You